राज्य सचिव मंडल सदस्य एससी कश्यप ने कहा कि देवेंद्र फड़णवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं, उनका बयान कि ‘जो भारत माता की जय बोलने को तैयार नहीं है, उन्हें देश में रहने का अधिकार नहीं है’ घोर आपत्तिजनक है।
उन्होंने कहा कि फड़णवीस ने मुख्यमंत्री के पद की संवैधानिक मायार्दाओं का उल्लंघन किया है। यह हिंदुत्ववादी राष्ट्रवाद की अवधारणा को आगे बढ़ाने की कोशिश है।
कश्यप ने कहा कि प्रतीत होता है कि उन्होंने संघ के कार्यकर्ता के रूप में बयान देकर संपूर्ण देश में संघीय राष्ट्रवाद को स्वीकार न करने वालों के खिलाफ अपने कार्यकर्ताओं को उकसाया है। अपने पद की गरिमा बनाए रखने के लिए फड़नवीस को अपना बयान वापस लेते हुए इस पर खेद व्यक्त करना चाहिए।
वहीं, बाबा रामदेव के बयान पर उन्होंने कहा कि देश में घृणा और असहिष्णुता भड़काने का माहौल पैदा करने में रामदेव फड़नवीस से भी आगे निकल गए। उनका सांप्रदायिक उन्माद और पागलपन भरा बयान कि ‘वह भारत माता की जय न बोलने वलों के सिर काट देते’, सीधे तौर पर सांप्रदायिक नफरत और हिंसा को प्रोत्साहन देना है।
कश्यप ने कहा कि राज्य सचिव मंडल मांग करता है कि संबद्ध अधिकारी तुरंत भारतीय दंड संहिता के प्रावधान के तहत रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करे।
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