रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा, “सुरक्षा की मांग कर रही बीएचयू छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया तथा पेट्रोल बम भी फेंके गए। यही नहीं रविवार दोपहर भी कुलपति के सामने अपनी व्यथा सुनाने जा रही छात्राओं पर पुन: बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया, जिसमें दर्जनों छात्राएं घायल हुईं। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश एवं केंद्र सरकार, दोनों की है। दोनों ही सरकारों के मुखिया (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री) और राज्यपाल राम नाईक की वाराणसी में मौजूदगी में इतनी शर्मनाक घटना का होना बदनुमा दाग है।”
रालोद कार्यकर्ताओं ने मांग की कि बीएचयू के वीसी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए, दोषी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करके किसी अन्य जनपद में संबद्ध किया जाए। साथ ही मामले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायमूर्ति से कराई जाए और प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों की आंतरिक सुरक्षा के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया जाए।
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