नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
राहुल से मुलाकात को नियमित बैठक का हिस्सा बताते हुए अमरिंदर ने कहा, “राहुल गांधी के साथ बैठक किए एक महीना से अधिक समय हो चुका था, इसलिए दिल्ली यात्रा के दौरान आज (शनिवार) मैंने उनसे भेंट की।”
अपने मंत्रिमंडल में प्रस्तावित विस्तार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “सही समय आने पर यह किया जाएगा।”
अमरिंदर ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सुखपाल खैरा द्वारा राज्य में रेत खनन आवंटन की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जे. एस. नारंग को नियुक्त किए जाने को लेकर लगाए गए आरोपों को ‘बकवास’ करार दिया।
खैरा का कहना है कि राज्य मंत्री राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ जांच के लिए नियुक्त न्यायाधीश के गुरजीत सिंह के परिवार से करीबी रिश्ते हैं।
पंजाब के सिंचाई एवं ऊर्जा मंत्री गुरजीत सिंह पर अपनी कंपनी के कर्मचारियों के नाम पर रेत खनन ठेका हासिल करने के आरोपों पर अमरिंदर ने कहा, “न्यायिक जांच की रिपोर्ट सामने आने दें। बिना सबूत के मंत्री को सजा न दें।”
अमरिंदर ने आप द्वारा लगाए गए उन आरोपों को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि न्यायाधीश नारंग की नियुक्ति वास्तव में गुरजीत को बचाने के लिए की गई है, क्योंकि नारंग के बेटे राणा गुरजीत के रिश्तेदार की तरफ से कुछ मामले लड़ चुके हैं।
अमरिंदर ने आरोपों पर उल्टे सवालिया अंदाज में कहा, “खैरा की पत्नी के न्यायाधीश रंजीत सिंह की करीबी हैं, जिन्हें हमने अपवित्रिकरण के कुछ मामलों की जांच के लिए नियुक्त किया है। क्या इसका मतलब यह है कि वह (खैरा की पत्नी) न्यायाधीश को प्रभावित कर सकती हैं?”
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