नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर ‘दलाली’ वाली उनकी टिप्पणी के लिए पलटवार करते हुए कहा कि इसके साथ उन्होंने सारी सीमाएं लांघ दीं।
राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीति करने का आरोप लगाया था और तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री ‘जवानों के खून की दलाली’ कर रहे हैं।
अगले दिन भाजपा अध्यक्ष ने संवाददाता सम्मेलन बुलाकर अपनी बौखलाहट मीडिया के सामने प्रकट की।
अमित शाह ने राहुल की दलाली वाली टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से स्पष्टीकरण मांगा।
राहुल पर बरसते हुए शाह ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस उपाध्यक्ष 28 सितंबर की रात किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ‘राजनीति कर रहे हैं।’ उन्होंने इसी क्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी आड़े हाथ लिया।
भाजपा अध्यक्ष ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जवानों के खून की ‘दलाली’ शब्द का इस्तेमाल कर राहुल गांधी ने सभी सीमाएं लांघ दीं। उनकी टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाती है।”
उन्होंने कहा, “मैं उनके बयान की कड़ी निंदा करता हूं। यह न केवल हमारे बहादुर जवानों व शहीदों का, बल्कि पूरे देश का अपमान है।”
शाह ने कहा, “मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें लगता है कि हमारे जवानों का खून ऐसी चीज है, जिसकी ‘दलाली’ की जा सकती है। यह न केवल हमारे बहादुर जवानों व शहीदों का, बल्कि पूरे देश का अपमान है।”
शाह ने कांग्रेस व संप्रग के कई घोटालों की ओर इशारा करते हुए कहा, “बोफोर्स से एम्ब्रेयर, कोयला से 2जी स्पेक्ट्रम। दलाली में आखिर कौन शामिल रहा है?”
उन्होंने राहुल गांधी को इस तरह के संवेदनशील मुद्दे पर बयान देने के बजाय ‘आलू की फैक्ट्री’ से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने को कहा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (आप) के नेता केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक पर सबसे पहले केजरीवाल ने सवाल उठाए। उन्होंने इसके सबूत मांगे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक बनाया गया और लोगों ने उन्हें पाकिस्तान समर्थक तक कह दिया।”
उन्होंने कहा, “भाजपा की तरफ से हम इस तरह के प्रयास की निंदा करते हैं और जिन्होंने भी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने सेना व शहीदों का अपमान किया है।”
शाह ने जोर देते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक सेना की उपलब्धि है और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश चुनाव के मद्देनजर क्या वह इसे चुनावी मुद्दा बनाएंगे, शाह ने कहा, “इसे उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। लेकिन हम इस मुद्दे को लोगों तक ले जाएंगे, क्योंकि यह प्रत्येक राजनीतिक पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह सशस्त्र सेना के आत्मविश्वास को बढ़ावा दे।”
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं के ‘उत्साह’ पर कांग्रेस द्वारा सवाल उठाए जाने की भी उन्होंने आलोचना की।
उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर हमारे किसी भी शीर्ष नेता ने कोई बयान नहीं दिया है। कुछ कार्यकर्ताओं ने कुछ टिप्पणियां की होंगी, लेकिन ऐसा उन्होंने उत्साह की वजह से किया। सवाल यह है कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस को गर्व क्यों नहीं है। वे क्यों इसे लेकर खुशी जाहिर नहीं कर रहे हैं?”
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “यदि कांग्रेस को सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के गौरवान्वित होने पर ऐतराज है, तब मुझे लगता है कि उनकी मानसिकता में ही कोई गड़बड़ी है।”
dharmpath.com dharmpath