नई दिल्ली/कोलकाता, 7 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को वाममोर्चा-कांग्रेस के पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिकता और महंगाई के खिलाफ संघर्ष की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए दोनों को साथ मिलकर काम करना चाहिए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान गांधी ने यह जानकारी दी। मन्नान, राहुल से ‘विधायक दल का नेतृत्व करने के लिए उनसे सलाह मांगने’ गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद राज्य में जारी हिंसा को देखते हुए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को साथ मिलकर लड़ने की जरूरत है।
मन्नान ने कहा, “जिस तरीके से केंद्र की भाजपा सरकार डीजल के दाम बढ़ा रही है और महंगाई में बढ़ोतरी कर रही है, अलगाववादी ताकतों से सांठगांठ कर देश बांटने की कोशिश कर रही है, जिस तरह से सांप्रदायिक ताकतें सिर उठा रही हैं, उन्हें रोकने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों को साथ मिलकर लड़ने की जरूरत है।”
मन्नान ने कहा, “उन्होंने (राहुल गांधी ने) कहा कि (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी सांप्रदायिकता और महंगाई पर मुंह नहीं खोल रहे हैं। उन्होंने हमारे संघर्ष की प्रशंसा की और कहा कि वाम मोर्चा और कांग्रेस को साथ मिलकर लड़ना चाहिए। इसी एक तरीके से हम लोगों को विश्वास जीत सकते हैं।”
विधानसभा चुनावों में कांग्रेस-वाम दलों के गठजोड़ को मिली कम सीटों के बारे में मन्नान ने कहा कि इस गठबंधन के बनने में देरी के कारण ऐसा हुआ।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाम मोर्चा-कांग्रेस द्वारा केंद्र में भाजपानीत सरकार के खिलाफ और राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन से जनता का विश्वास जीतने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी ने राज्य की अपनी यात्रा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर हमला बोला था ताकि अल्पसंख्यकों में यह संदेश जाए कि वह भाजपा विरोधी हैं। वहीं, दूसरी तरफ ‘बनर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से भाजपा से गुप्त सहमति कायम की है।’
बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों में से कांग्रेस-वाम गठजोड़ को 77 सीटें मिली है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 211 सीटें जीतकर सत्ता में है।
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