नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के दो सप्ताह के बीओपी प्रशिक्षण मॉड्यूल का उद्घाटन किया। यह प्रशिक्षण मॉड्यूल 270 कंपनी स्थलों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 625 बीओपी के कर्मी हिस्सा ले रहे हैं।
इस अवसर पर रिजिजू ने कहा कि एसएसबी और अन्य सुरक्षा बलों के कारण देश में सुरक्षा और शांति है। उन्होंने कहा कि एसएसबी न केवल सीमा की रखवाली करने वाला बल है, बल्कि यह एक विशेष बल में तब्दील हो गया है।
मंत्री ने कहा कि एसएसबी वीआईपी सुरक्षा और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा जैसी विभिन्न अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराता है।
रिजिजू ने कहा कि नेपाल और भूटान जैसे कुछ पड़ोसी देशों के साथ बगैर बाड़ की सीमाओं के मामले में एसएसबी का कार्य और कठिन हो गया है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने स्वयं बीओपी का दौरा किया है और देखा है कि सीमा की सुरक्षा के लिए एसएसबी जवान विविध परिस्थितियों में कैसे कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि एसएसबी पूरी तरह से व्यावसायिक बल बन गया है। उन्होंने सामाजिक कार्यो में एसएसबी की भूमिका की भी सराहना की।
मंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस प्रशिक्षण मॉड्यूल से सभी एसएसबी कर्मियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जवानों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने में यह बीओपी मॉड्यूल अति उपयोगी होगा।
बीओपी प्रशिक्षण मॉड्यूल के बारे में एसएसबी की महानिदेशक अर्चना रामासुन्दरन ने जानकारी दी कि इस मॉड्यूल के डिजाइन में बल को समग्र प्रभावी और व्यावसायिक बनाने के उद्देश्य से ताजा महत्वपूर्ण तत्वों को शामिल किया गया है।
एसएसबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं की रक्षा के लिए है। कुल 1,751 किलोमीटर लंबी नेपाल की सीमा पांच भारतीय राज्यों को छूती है जबकि 699 किलोमीटर लंबी भूटान सीमा चार भारतीय राज्यों से लगती है।
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