नई दिल्ली, 24 नवंबर (आईएएनएस)। गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया।
19 से 25 नवंबर तक मनाए जा रहे ‘सांप्रदायिक सद्भाव सप्ताह’ के तहत की जा रही विभिन्न गतिविधियों के हिस्से के तौर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में एकत्रित होना शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि वर्दी सुरक्षा बलों को धर्म के आधार पर अलग नहीं करती। वे सभी सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र, देश के छात्रों की एकता एवं छात्र समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि इन छात्रों को यहां देखना काफी उत्साहवर्धक है, उन्होंने छात्रों के समूह को ‘सद्भावना सभा’ का नाम दिया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले छात्रों की प्रशंसा करते हुए रिजिजू ने कहा कि छात्रों की यह प्रतिभा दर्शाती है कि वे अपने विद्यालयों में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
किरेन रिजिजू ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि जब वे यहां से वापस जाएं तो देश के विभिन्न भागों में सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश फैलाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक छात्र अलग-अलग पाठ्यक्रम चुनेगा और देश की सेवा करने का अवसर पाएगा।
इस अवसर पर गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) महेश कुमार सिंगला ने कहा कि यह अनोखी एवं काबिले तारीफ पहल है। उन्होंने छात्रों को देश की रक्षा एवं सुरक्षा में अर्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक एक ‘पवित्र स्थान’ है, और यह धर्म आदि से ऊपर उठकर देश की सेवा के लिए सुरक्षा बलों द्वारा किए गए बलिदान को याद करता है।
इस अवसर पर, रिजिजू ने ‘माई नेशन, माई पैशन’ नामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को शपथ भी दिलाई गई।
राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान के सचिव अवध कुमार सिंह, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक कृष्ण चौधरी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक ओ.पी. सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।
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