नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय रेल के पास मौजूद अभी करीब 46,333 हेक्टेयर जमीन का उपयोग नहीं हो रहा है। यह जानकारी बुधवार को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने संसद में दी।
सिन्हा ने कहा कि रेलवे के पास 4,61,487 हेक्टेयर जमीन है, जिसमें से 4,14,240 हेक्टेयर जमीन का उपयोग हो रहा है।
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि खाली पड़ी जमीन में से अधिकांश रेल पटरियों के किनारे संकरी पट्टियों के रूप में है, जिसका उपयोग पटरी और पुलों की देखरेख में होता है।
सिन्हा ने राज्यसभा में दिए गए लिखित जवाब में कहा, “खाली जमीन का उपयोग रेलवे के भावी विकास से संबंधित अवसंरचना परियोजनाओं में भी होता है, जिसमें रेल लाइन के दोहरीकरण, तिहरीकरण जैसे काम शामिल हैं।”
उन्होंने कहा कि जिस जमीन का अभी या निकट भविष्य में किसी परियोजना में उपयोग नहीं होने वाला है, उसका अंतरिम अवधि में जहां भी व्यावहारिक हो रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी वाणिज्यिक उपयोग कर रही है, ताकि अतिरिक्त आय जुटाई जा सके।
मंत्री ने यह भी बताया कि रेलवे के भूमि रिकार्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है।
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