नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने गुरुवार संसद में वर्ष 2016-17 का रेल बजट पेश करते हुए मानव संसाधन और कौशल विकास की दिशा में कई कदम उठाने की घोषणा की।
रेलवे के नए कदम के तहत इसके सभी गैंगमैनों को ‘रक्षक’ उपकरण दिया जाएगा। वायरलेस समर्थित यह उपकरण उन्हें आने वाली गाड़ियों के बारे में सूचना देगा।
रेलवे रक्षकों द्वारा पैदल पेट्रोलिंग के समय ढोए जाने वाले औजारों का भार भी कम करेगा, साथ ही लोको पायलटों के लिए कैब में प्रसाधन (शौचालय और नहाने आदि की सुविधाएं) और एयर कंडीशन (वातानुकूलन) की व्यवस्था करेगा।
रेलवे अपने अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों के बीच आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से समझौता करेगा, साथ ही पांच रेलवे अस्पतालों में आयुष प्रणाली शुरू की जाएगी।
मानव संसाधन के बेहतर इस्तेमाल और कौशल विकास के लिए रेलवे हर साल इंजीनियरिंग और एमबीए स्कूलों के 100 छात्रों को 2 से 6 महीने के लिए इंटर्नशिप देगा।
रेल कारखाने उत्पादन इकाइयों में कौशल विकास के लिए बेहततीन केंद्र शुरू किए जाएंगे। साथ ही रेलवे कर्मियों के आश्रितों सहित दूरस्थ क्षेत्रों प्रतिष्ठित एनजीओ के साथ मिल कर काम करेगा।
रेलवे महत्वपूर्ण नीतिगत क्षेत्रों के लिए दो पीठों की स्थापना करेगा। इसमें से एक सी.टी. वेणुगोपाल पीठ रणनीतिक वित्त, शोध और नीति विकास और दूसरा कल्पना चावला पीठ जीयो स्पेटल प्रौद्योगिकी से संबंधित होगी।
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