सांगली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने सोमवार को मानवीय आधार पर महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित इलाके लातूर जिले में ‘पानी ट्रेन’ भेजा। अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी।
सांगली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने सोमवार को मानवीय आधार पर महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित इलाके लातूर जिले में ‘पानी ट्रेन’ भेजा। अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी।
10 डिब्बों वाली यह ट्रेन सांगली जिले के मिराज से सोमवार दोपहर को रवाना हुई जो 375 किलोमीटर का सफर तय कर मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर शहर में आधी रात को पहुंचेगी।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु की यह पहल है, जिनके गृह राज्य के कई इलाके गंभीर पानी संकट से जूझ रहे हैं, खासतौर से लातूर जिले के गांवों में पानी का संकट सबसे अधिक है जहां 2.45 करोड़ लोग रहते हैं।
वहीं, उस्मानाबाद के लोगों ने भी पानी संकट से पीड़ित होकर ऐसी ही ट्रेन भेजने की मांग की है।
इस महीने की शुरुआत में प्रभु के निर्देश के बाद तेल और दूध धोने वाले 50 डिब्बों को राजस्थान के कोटा साफ-सफाई के भेजा गया था, जिनमें भरकर अब पानी की आपूर्ति की जा रही है।
इनमें से प्रत्येक डिब्बे की क्षमता 54,000 लीटर की है। रेलवे ने लातूर के गांवों में जरूरत के आधार पर आगे भी पानी पहुंचाने की योजना बनाई है, हालांकि अभी तक इस कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
इस ट्रेन के लातूर पहुंचने पर उसका पानी रेलवे स्टेशन के पास स्थित टंकी में चढाया जाएगा जहां से ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाएगा और प्यासी आबादी तक पानी की आपूर्ति की जाएगी।
वर्तमान में महाराष्ट्र के 15,000 गांव सूखे से जूझ रहे हैं जिनमें से ज्यादातर लातूर, बीड और ओसमानाबाद में हैं।
पुलिस ने पानी वितरण के दौरान हिंसा की किसी घटना को रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू किया है और सार्वजनिक जल भंडारण केंद्रों और जलाशयों पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मिओं की तैनाती की है।
यहां के ग्रामीणों को रोजाना पानी भरने के लिए 2 किलोमीटर दूर तक जाना होता है। प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इन इलाकों में शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया गया है तथा कृषि गतिविधियां ठप्प है।
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