भविष्य की यह तस्वीर पुलित्जर पुरस्कार विजेता न्यूयॉर्क टाइम्स के तकनीकी संवाददाता जॉन मोरकॉफ ने अपनी नई पुस्तक ‘मशींस ऑफ लविंग ग्रेस’ में प्रस्तुत की है, जिसमें सिलिकॉन वैली के लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि अल एरा (कृत्रिम बुद्धि) के युग में मानव की भूमिका कैसी होगी।
बीजिंग में समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में मोरकॉफ लिखते हैं, “आनेवाले वर्षो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रोबोटिक्स दुनिया पर बेहद चमत्कारिक प्रभाव डालेंगे। यह प्रभाव बीते तीन दशकों में इंटरनेट और कंप्यूटर के आगमन से काफी अलग होगा।” उन्होंने कहा कि लोगों को तय करना होगा कि मशीन मानवों की नौकरियों चुराएंगे या उन्हें उनपर विश्वास कर ज्यादा से ज्यादा स्वायत्तता देनी चाहिए।
कुछ बदलाव तो बस होने के कगार पर हैं। मोरकॉफ ने कहा कि जल्द ही मानवों का सामना ऐसे रोबोट से होनेवाला है, जो मानव की भावनाओं की कॉपी करते नजर आएंगे। इजरायल की एक कंपनी द्वारा नामी हस्तियों का अनुकरण करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “जेनिफर लॉरेंस के अवतार की कल्पना कीजिए जो आपके साथ दिन भर फेसबुक या वी चैट पर चैट कर सकती है।”
मोरकॉफ ने कहा कि प्रौद्योगिकी मानव के हर गुणों की कॉपी करने वाले रोबोट बनाने में सक्षम होगी। ये रोबोट ऐसे होंगे, जिन्हें देखकर हम मात खा जाएंगे कि वे आदमी हैं या रोबोट।
उन्होंने कहा, “मशीन औजार हैं, जिसे हम डिजाइन करते हैं।”
बुजुर्ग व्यक्तियों की देखभाल के लिए रोबोट के निर्माण में लंबा वक्त लगेगा। अभी ऐसा कोई रोबोट नहीं है, जो किसी बुजुर्ग को सुरक्षापूर्वक स्नान करा सके। ऐसा कार्य करनेवाले रोबोट का निर्माण कब होगा, इसकी कोई तारीख नहीं दी जा सकती।
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