नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने एमिटी लॉ स्कूल के छात्र सुशांत रोहिल्ला की खुदकुशी के मामले को सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया।
न्यायमूर्ति ए.के.सीकरी तथा न्यायमूर्ति यू.यू.ललित की पीठ ने मामले को दिल्ली उच्च न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया।
रोहिल्ला के एक मित्र ने उसकी खुदकुशी के लिए एमिटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए एक खत लिखा था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने इससे पहले कहा था कि वह इस बात की जांच करेगा कि यह घटना ‘उत्पीड़न’ के कारण तो नहीं घटी।
रोहिल्ला (20) के मित्र तथा कानून पाठ्यक्रम के चौथे वर्ष के छात्र राघव शर्मा ने कहा कि कक्षा में कम उपस्थिति के कारण उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण वह अवसादग्रस्त हो गया था।
राघव ने कहा कि स्वास्थ्य सहित विभिन्न कारणों से रोहिल्ला कुछ समय तक कक्षा में उपस्थित नहीं हो सका था।
राघव शर्मा ने अपने खत में न्यायालय से मांग की थी कि वह खुदकुशी मामले की एक स्वतंत्र समिति से जांच का आदेश दे।
शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए रोहिल्ला के सहपाठियों ने मामला सोशल मीडिया पर उठाया और रोहिल्ला के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कॉलेज परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके बाद से इन शिक्षकों में से दो इस्तीफा दे चुके हैं।
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