पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर तीन सिम बाक्स मय 113 सिम, 22 पासपोर्ट, एक लैपटाप, दो टेलीफोन, 9 एंटीना, 3 मोबाइल, 50 कॉलिंग मिनट स्लिप प्रिंट की हुई सीट और डाटा कनेकटर पावर स्टेशन केबिल बरामद की है।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि कई दिनों से लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय फोन काल्स के अवैध एक्सचेज चलने की सूचना इंटेलिजेंस की विशेष शाखा से मिली थी। इस एक्सचेंजों को चलाने वालों की गिरफ्तारी के टीम गठित की गई। इस टीम ने शनिवार देर शाम कृष्णानगर थाना क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध लोगो को बाराबिरवा चौराहे के पास सब्जीमंडी तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।
पकड़े गए बदमाश नूर मोहम्मद और मनोज कुमार गुप्ता निवासी गण गोरखपुर अवैध सर्वर लगा सिम बॉक्स के जरिये इंटरनेशनल काल्स को लोकल काल्स में बदलने का टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे। पूछताछ में बदमाशो ने बताया कि उन्होंने एक एक्सचेंज सर्वर हजरतगंज के तेज कुमार प्लाजा में और एक सर्वर कैसरबाग के मकबूलगंज में लगाया है।
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश आईएसडी काल्स का इंटरनेट के जरिए लोकन काल्य में कनवर्ट कर देते थे। जिससे काल नेशलन गेटवे के माध्यम से नहीं आती और विदेशों से आनी वाली इन फोन काल्स की मॉनिटरिंग नहीं हो पाती थी।
आरोपी नूर ने पूछताछ में बताया कि वह दो बार साऊदी अरब जा चुका है। वह रहने वाले उसके दोस्त नसीम ने उसे इस धंधे के बारे में बताया। जिसके बाद वह लखनऊ आया और मनोज के साथ मिलकर हजरतगंज के तेज कुमार प्लाजा में युनिक टूर्स-ट्रेवल्स के नाम पर दफ्तर खोला और अवैध एक्सचेंज् का सेटअप तैयार किया। फिर कैसरबाग के मकबूलगंज में किराए का मकान लेकर वहां भी सेटअप लगाया। उसने बताया कि वह लोग चार माह से इस धंधे को कर रहे थे। इस एक्सचेंज से होन वाली कमाई को नसीम साऊदी अरब से उसके बैंक एकाउन्ट और पेटीएम के जरिए भेज देता था।
एसएसपी ने बताया कि यह जालसाज इंटरनेट से कालिंग कर देश की अर्थव्यवस्था को चूना लगा रहे थे। साथ ही गेटवे माध्यम से काल नहीं आने से देश की सुरक्षा एजेन्सियां भी उन पर नजर नहीं रख पा रही थी, जो देश के लिए खतरा बन सकती थी। उन्हों ने कहा कि इस पूरे मामले में छानबीन हो रही है। आईबी, मिलट्री इंटेलिजेंस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसी पूछताछ में जुटी हुई है।
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