ललित मोदी को बचाने के लिए मोदी सरकार बना रही कीर्तिमान : मायावती

मायावती ने अपने बयान में कहा कि विभिन्न प्रकार के गंभीर आर्थिक अपराधों के नोटिस व जांच झेल रहे ललित मोदी के साथ रिश्ते निभाने व उसे जेल की सलाखों के पीछे जाने से बचाने के मामले में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नया कीर्तिमान स्थापित करने पर अमादा लगती है।

बसपा मुखिया ने कहा कि इस मामले में भाजपा व मोदी सरकार पूरी तरह से रक्षात्मक होकर ‘बैकफुट’ पर आ गई है। पार्टी और सरकार देश की जनता को इस बात का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ‘देशहित व देश के कानून की अनदेखी’ कर ललित मोदी को ब्रिटिश सरकार से यात्रा दस्तावेज दिलाने के मामले में इतना आगे जाकर मदद क्यों की और सवाल उठने पर केवल ‘मानवीय’ आधार का एक कमजोर तर्क देकर बचना चाहती हैं।

मायावती ने कहा कि ललित मोदी के खिलाफ भारत में आर्थिक अपराधों से जुड़े ेकई मामलों की जांच हो रही है और उसने भारत आने के बजाय ब्रिटेन में शरण ली हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ललित मोदी का पासपोर्ट एक बार जब्त भी कर लिया था, लेकिन दूसरी बार जब हाईकोर्ट ने उसका पासपोर्ट बहाल किया तो केंद्र सरकार उस फैसले के खिलाफ तुरंत अपील में जाने के बजाय अभी तक खामोश बैठी हुई है।

उन्होंने कहा कि ये कुछ ऐसे तथ्य हैं जो देश की जनता के मन को उद्वेलित किए हुए हैं और वह इस पर प्रधानमंत्री का जवाब सुनना चाह रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को संसद के अंदर व बाहर जवाब देना ही होगा।

बसपा मुखिया ने मोदी सरकार से सवाल किया कि क्या वह ललित मोदी जैसे आर्थिक अपराधी से निपटेगी या यही नरम रवैया अपनाएगी? अगर यही रवैया रखेगी, तब कालेधन वालों के खिलाफ कार्रवाई कैसे कर पाएगी?

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देशहित को त्याग कर एक दागी से पारिवारिक रिश्ते निभाने वाली वसुंधरा का ललित मोदी को ब्रिटिश वीजा दिलाने के लिए विस्तृत शपथपत्र दाखिल करना और संबंधित तथ्य भारतीय अधिकारियों को नहीं बताए जाने की बात कहना अपने-आप में बहुत कुछ कहता है।

बसपा मुखिया ने कहा कि हैरानी वाली बात है कि इस प्रकार का हलफनामा ब्रिटिश न्यायालय में दाखिल है, यह बात स्वयं ललित मोदी ने स्वीकार की है, लेकिन भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व मोदी सरकार अभी तक अपनी गलती व गैर-जिम्मेदारी को मानकर सही कानूनी कार्रवाई करने को तैयार नहीं लगती।

मायावती ने कहा कि वसुंधरा राजे के बेटे व राजस्थान से ही भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह की कंपनी में ललित मोदी ने करोड़ों रुपये निवेश किए व कर्ज भी दिए थे। यह भी संगीन मामला है। इस मामले में भी भाजपा व केंद्र सरकार जितनी ज्यादा चुप्पी व नरम रवैया अपनाएगी, उतना ही ज्यादा संकट गहराता जाएगा और जनता का भरोसा टूटता जाएगा।

उन्होंने कहा, “यही कारण है कि अन्य सियासी दल और जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछ रहे हैं कि वह आर्थिक अपराध से जुड़े एक गंभीर मामले में पार्टी के वरिष्ठ लोगों के संलिप्त होने के बावजूद अभी तक खामोश क्यों हैं?

मायावती ने कहा कि एक अन्य प्रकरण में अब केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा विभिन्न चुनावी शपथपत्रों में अलग-अलग शिक्षा डिग्री दिखाए जाने पर याचिका को न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। यह मामला अब काफी गंभीर हो गया है और मोदी सरकार के लिए अति अशोभनीय हो गया है।

उन्होंने कहा किमांग उठने लगी है कि स्मृति ईरानी के खिलाफ भी वैसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, जैसा कि अभी हाल ही में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ की गई।

मायावती ने कहा कि इन प्रकरणों के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के ये यह अहंकारपूर्ण शब्द कि ‘यह यूपीए सरकार नहीं है, बल्कि एनडीए की सरकार है और इस सरकार में कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देगा’, बेहद दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है।

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