पटना, 13 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले राजद के पूर्व विधान पार्षद (एमएलसी) और अवामी सहकारिता बैंक के अध्यक्ष अनवर अहमद के कई ठिकानों पर आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी में कालेधन को सफेद किए जाने के सबूत मिले हैं। मौका देख विपक्षी भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है।
इस दौरान करीब 50 से ज्यादा मजदूरों के खाता बैंक में खोले गए हैं, जिसकी जानकारी उन मजदूरों को भी नहीं है। इधर, इस छापेमारी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर निशाना साधा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद के अत्यंत करीबी और उनके ‘कबाब मंत्री’ कहे जाने वाले अनवर अहमद के कई ठिकानों पर हुई आयकर विभाग की छापेमारी के बाद नोटबंदी का विरोध कर रहे राजद और उसके नेताओं का चेहरा बेनकाब हो गया है।
पटना आयकर विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को अनवर के पटना के सब्जीबाग स्थित द बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के मुख्य कार्यालय और उनके आवास के अलावा फुलवारीशरीफ स्थित अल राबिया एजुकेशनल और वेलफेयर ट्रस्ट के कार्यालय में एक साथ छापेमारी की गई।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीम ने पूर्व एमएलसी के घर से 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जिसमें सभी नोट 2000 और 500 रुपये के हैं। छापेमारी में कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और बैंकों में निवेश के कागजात भी आयकर विभाग के हाथ लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के क्रम में द बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के खाते एवं कागजातों की पड़ताल के दौरान नोटबंदी के बाद 50 ऐसे बेनामी खातों का पता चला है, जिसमें नोटबंदी के बाद अचानक दो से ढाई लाख रुपये तक जमा किए गए और बाद में इन खातों से एक करोड़ रुपये से अधिक राशि निकाल ली गई।
आयकर ने जांच में पाया कि खाता खोलने से लेकर रुपये के निकासी तक अनियमिता बरती गई है। जिन लोगों के नाम खाते खोले गए उसमें अधिकांश मजदूर हैं, जिन्हें यह पता भी नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैं। आयकर विभाग ने ऐसे सभी खातों को फिलहाल सीज कर दिया है और अभी भी जांच जा रही है। कई मजदूरों ने ही इसकी शिकायत आयकर विभाग से की थी।
पटना आयकर विभाग के निदेशक (अनुसंधान) अशोक कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को बताया कि अभी भी तलाशी और जांच का कार्य जारी है। उन्होंने कई अनियमितता सामने आने की पुष्टि की है।
इस बैंक पर लालू के ‘कबाब मंत्री’ के तौर पर प्रसिद्ध राजद के पूर्व एमएलसी अनवर अहमद का कब्जा रहा है। वह इस सहकारिता बैंक के अध्यक्ष हैं और उनके परिवार के ही अधिकांश सदस्य इसमें सदस्य या अन्य महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं।
सुशील मोदी ने आरोप लगाया है कि पिछले 20 वर्षो से बैंक पर कब्जा जमाए अहमद के जरिए नोटबंदी के बाद 100 से अधिक बेनामी खातों में राजद नेताओं के करोड़ों रुपये के कालेधन को सफेद किया गया।
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “क्या लालू प्रसाद बताएंगे कि एक ऐसा बैंक, जिसे कोई जानता तक नहीं, उसमें खाता खोलवाने का क्या मकसद है?”
मोदी ने दावा किया कि इस बैंक में राबड़ी देवी (बचत खाता संख्या 6651) और लालू प्रसाद (बचत खाता संख्या 6040) के खाते हैं, जिसमें नौ अप्रैल 2014 के अनुसार, क्रमश: 15 लाख 62 हजार और पांच लाख 88 हजार रुपये रुपये जमा थे। उन्होंने कहा कि इस बैंक पर अप्रत्यक्ष तौर पर लालू प्रसाद व उनके परिवार का ही कब्जा है।
उन्होंने कहा कि अनवर की पैठ लालू प्रसाद के ‘ड्राइंग रूम’ से ‘किचेन’ तक है। करीबी होने के कारण ही राज्यपाल के कोटे से अनवर अहमद को लालू प्रसाद ने एमएलसी बनवाया था।
मोदी बोले, “क्या नोटबंदी के बाद और उसके पहले भी इस बैंक का इस्तेमाल राजद नेताओं के व्यक्तिगत और आर्थिक हित के लिए नहीं होता रहा है?”
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