लुई बर्जर मामला : रिश्वत के लिए इस्तेमाल हुआ ‘ड्राइंग्स’ शब्द

पणजी, 2 अगस्त (आईएएनएस)। गोवा के चर्चित लुई बर्जर रिश्वतखोरी मामले में एक नया खुलासा हुआ है। गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा कि रिश्वत के लेनदेन के लिए इंजीनियरिंग के शब्द का इस्तेमाल हुआ था।

पारसेकर ने शनिवार को पोरवोरिम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लुई बर्जर सौदे में संलिप्त लोगों के बीच संवाद में बार बार ‘ड्राइंग्स’ शब्द का इस्तेमाल हुआ था, जिसका मतलब रुपये या मुद्रा से था।

उन्होंने कहा, “जांच में जो बात मुझे खटकी वह शब्द ‘ड्राइंग्स’ था। चार ड्राइंग्स, छह ड्राइंग्स जैसी शब्दावलियों का इस्तेमाल हुआ था। ड्राइंग्स, इंजीनियरिंग में प्रयोग होने वाला तकनीकी शब्द है, इसलिए जब आप यह शब्द बोलेंगे, तो किसी को शक नहीं होगा।” उन्होंने बताया कि जांचकताओं को कई मोबाइल संदेश मिले हैं, जिनमें बार बार इस शब्द का प्रयोग हुआ है।

पारसेकर ने कहा कि गोवा पुलिस की अपराध शाखा को जांच के दौरान कई एसएमएस मिले हैं। अंतर्राष्ट्रीय रिश्वतखोरी घोटाले में दो वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का नाम भी जुड़ा है और एक अधिकारी को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

लुई बर्जर के शीर्ष अधिकारियों को न्यू जर्सी की अदालत पहले ही भारत, वियतनाम, इंडोनेशिया और कुवैत जैसे देशों में ठेका सुरक्षित करने के उद्देश्य से रिश्वत देने के अपराध में दोषी ठहरा चुकी है।

अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से किए गए खुलासे में पता चला है कि गोवा में जापान अंतर्राष्ट्रीय को-ऑपरेशन एजेंसी के सहयोग (1,031 करोड़ रुपये) से प्रस्तावित अरबों डॉलर लागत के जल एवं सीवरेज परियोजना का ठेका पाने वाली कंपनी की ओर से 2009-10 में गोवा के मंत्री और दूसरे अधिकारियों को 976,630 डॉलर की रिश्वत दी गई थी।

वर्ष 2010 में गोवा के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस नेता दिगंबर कामत और लोक निर्माण विभाग के मंत्री रहे चर्चिल अलेमाओ से इस मामले में पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।

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