लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थागित (लीड-1)

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। मानसून सत्र की समाप्ति के साथ ही शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के स्थगित कर दी गई। 16वीं लोकसभा का यह नौवां सत्र था।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अपने समापन भाषण में सत्र को पूर्णत: उत्पादक और फलदायक करार दिया।

अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र के दौरान वस्तु एवं सेवा कर विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया गया और पारित किया गया।

कारखाना (संशोधन) विधेयक, 2016, कर्मचारी मुआवजा (संशोधन) विधेयक, 2016 तथा बाल श्रम (रोकथाम व नियंत्रण) संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया।

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) अध्यादेश की जगह लेने के लिए सदन ने भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) व दंत चिकित्सा (संशोधन) विधेयक पारित किया।

मॉनसून सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ था और सदन में नियम 193 ए के तहत दलितों पर अत्याचार, महंगाई, सतत विकास लक्ष्य सहित आम जन के महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन अध्यक्ष ने इन मुद्दों पर चर्चा को ‘अधूरा’ करार दिया।

अध्यक्ष के मुताबिक, सदन में 20 बैठकों के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच सवाल उठाए गए।

उन्होंने लोकसभा में कहा, “हमने मौखिक रूप से 99 सवालों के जवाब दिए।”

सुमित्रा महाजन ने कहा कि कार्य अवधि के नुकसान की पूर्ति के लिए हमने अतिरिक्त घंटे काम किए।

इससे पहले, सदन ने जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति पर एकमत से एक प्रस्ताव पारित किया और घाटी के लोगों, खासकर युवाओं का विश्वास पुन: जीतने की प्रतिबद्धता जताई।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुझाव दिया कि कश्मीर में हालात के बिगड़ने के मद्देनजर, सदन को एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए।

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्यसभा ने इस सप्ताह के शुरुआत में इसी तरह का एक प्रस्ताव पारित किया है और सरकार निचले सदन में भी इसी तरह का प्रस्ताव पारित करने को इच्छुक है।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय व सुदीप बंदोपाध्याय सहित कई सदस्यों के सुझाव पर अध्यक्ष ने प्रस्ताव पढ़ा।

इस मौके पर सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।

राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

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