लोक कलाकारों के लिए बॉलीवुड अच्छा मंच : ऑल गर्ल्स बैंड

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। लोक कलाकारों के लिए बॉलीवुड एक ‘अच्छा मंच’ है। दरअसल, ऑल गर्ल्स बैंड का मानना है कि लोकप्रियता हासिल करने और रचनात्मक प्रदर्शन करने के लिए बॉलीवुड अच्छा मंच है।

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। लोक कलाकारों के लिए बॉलीवुड एक ‘अच्छा मंच’ है। दरअसल, ऑल गर्ल्स बैंड का मानना है कि लोकप्रियता हासिल करने और रचनात्मक प्रदर्शन करने के लिए बॉलीवुड अच्छा मंच है।

यह बैंड नगालैंड के चखेसंग जनजाति और फोक फ्यूजन से पारंपरिक लोक संगीत का प्रदर्शन करता है। इसमें चार टेटसिओ बहनें हैं, जिनके नाम आजी, मर्सी, कुवेलु और एलुन हैं।

वर्ष 1994 में स्थापित इस बैंड को नगा लोक संगीत बेशुमार दर्शकों के सामने पेश करने का श्रेय जाता है।

दिल्ली की रहने वाली मर्सी ने आईएएनएस को बताया, “हमें बॉलीवुड की बहुत सी चीजों से प्यार है, इंडी संगीत और लोक संगीत को बॉलीवुड में जगह मिल गई है। यह अच्छी बात है।”

उन्होंने बताया कि वह अपने जीवन से प्रेरित हुई हैं। सभी किस्म की व्यावसायिकता के साथ कला के प्रदर्शन की दृष्टि से बॉलीवुड लोक कलाकारों के लिए एक अच्छा मंच है। इसमें लोकप्रियता के साथ अच्छा पैसा भी मिलता है। यह बड़े पैमाने पर रचनात्मक अवसर प्रदान करता है।”

लोक कलाकारों का कहना है कि उनके गाने जिंदगी पर आधारित, खूबसूरती, प्राकृतिक, पारिवारिक, प्यार, दोस्ती, मौत, दर्द और खुशी पर आधारित थे। वे नगालैंड की चोक्री बोली में लोकगीत ‘ली’ गाते हैं।

बैंड के सदस्य पारंपरिक परिधान चखेसंग पहने होते हैं और वे ताती, खरो-खरो, ड्रम और बामहम बजाते हैं।

उनके गीत-संगीत पर कुवेलु का कहना है, “हम पारंपरिक (नागा) संगीत गा रहे हैं इसके साथ-साथ लिख रहे हैं। इसमें से ‘ओ रहोसी’, ‘अपुलिओ’, ‘ओहे’ और ‘हइया! हइया”! जैसे कुछ गीतों की काफी सराहना की गई है।”

कुवेलु ने यह भी बताया, “हमारे गीत जीवन का लुत्फ उठाने की प्रेरणा देते हैं और कई खूबियों व मूल्यों को इंगित करते हैं।

बैंड के सदस्यों का कहना है कि वे हमेशा अलग अनुभव और अलग तरह का संगीत बनाने के अवसर हमेशा खुले रखते हैं।

टेटसिओ बहनों का कहना है कि अब उनका मिशन पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता और नस्लीय भेदभाव के लिए जागरूकता फैलाना है।

वहीं बैंड की प्रमुख सदस्य एलून का कहना है, “हम किसी तरह के क्रांतिकारी नहीं हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण, पुनर्चक्रण, लैंगिक समानता, नस्लीय भेदभाव मिटाने की जरूरत को रेखांकित करना और देशभर की महिलाओं की सुरक्षा चाहते हैं।

जब आजी से उनके भविष्य की योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आईएएनएस को बताया, “हमारा सपना दुनियाभर में घूमने का है। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से हम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचते जा रहे हैं।”

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