मेलबर्न, 24 जनवरी (आईएएनएस)। आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाने वाली चेक गणराज्य की अनुभवी महिला टेनिस खिलाड़ी पेट्रा क्वितोवा ने 2016 में हुए जानलेवा हमले के बारे में गुरुवार को सेमीफाइनल मैच के बाद खुलकर बात की।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, क्वितोवा ने कहा कि इस हमले के बाद उनके लिए लोगों पर विश्वास करना मुश्किल था और उनके अनुसार कई लोगों को विश्वास नहीं था कि वह टेनिस कोर्ट पर फिर वापसी कर पाएंगी।
क्वितोवा ने गुरुवार को महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में अमेरिका की डेनियल कोलिंस को 7-6 (7-2), 6-0 को हराकर पहली बार साल के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियन ओपन में प्रवेश किया।
दिसम्बर, 2016 में क्वितोवा के घर में चोरी करने घुसे चोर ने उन पर चाकू से हमला किया था। इस हमले में क्वितोवा के बाएं हाथ में गंभीर चोट लगी थी। चिकित्सकों ने कहा था कि वह छह माह तक टेनिस नहीं खेल पाएंगी लेकिन अपनी स्थिति में अच्छा सुधार करते हुए क्वितोवा ने 2017 मई में वापसी की।
इस बारे में क्वितोवा ने कहा, “इस हमले से शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी उबर पाना मुश्किल था। मुझे मेरे आस-पास के लोगों और खासकर पुरुषों पर दोबारा भरोसा करने में काफी समय लगा। मुझे मजबूत रहने और कम से कम नकारात्मक सोच रखने की जरूरत थी।”
क्वितोवा ने कहा, “सच कहूं तो कई लोगों को नहीं लगा था कि मैं इस हमले के बाद फिर कभी टेनिस जगत में वापसी कर पाऊंगी। उन्हें नहीं लगा था कि मैं एक बार फिर इस स्तर पर खेल पाऊंगी।”
आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में शुक्रवार को क्वितोवा का सामना जापान की युवा खिलाड़ी नाओमी ओसाका से होगा।
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