नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंडिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में प्रतिपूरक वनरोपण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण विधेयक, 2015 (सीएएमपीए) में आधिकारिक संशोधन को मंजूरी दे दी गई।
सीएएमपीए विधेयक देश में वनरोपण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है। इसके तहत वन भूमि के उपयोग बदलने से पिछले कई सालों में मुआवजे के तौर पर इकट्ठा किए गए 350 अरब रुपये का विनिमय और प्रबंधन किया जाएगा।
सरकार ने एक बयान में कहा कि यह कानून खर्च नहीं किए गए इन रुपयों का कुशल और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करेगा। यह धन फिलहाल बैंकों में जमा है, जिससे सालाना 6,000 करोड़ रुपये का ब्याज आता है।
सरकार ने कहा, “इस रकम से वनीकरण करवाया जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में काफी रोजगार पैदा होंगे, खासतौर से पिछड़े आदिवासी इलाकों को इसका फायदा होगा।”
नरेंद्र मोदी सरकार ने अप्रैल, 2015 में इस विधेयक को लोकसभा में पारित किया था, लेकिन राज्यसभा ने इसे खारिज कर दिया, क्योंकि वहां सत्ताधारी दल को बहुमत नहीं है।
इस विधेयक में पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेड़कर की एक रपट भी संलग्न है, जिसमें उन्होंने पेरिस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के बाद इसे भारत द्वारा की गई पहल बताया है।
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