मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्मकार अनुराग बासु का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि वह वयस्कों वाले रियेलिटी शो जज कर पाएंगे क्योंकि उनमें बच्चों की तरह ईमानदारी और निश्छलता नहीं होती।
मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्मकार अनुराग बासु का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि वह वयस्कों वाले रियेलिटी शो जज कर पाएंगे क्योंकि उनमें बच्चों की तरह ईमानदारी और निश्छलता नहीं होती।
बासु बच्चों के शो ‘सुपर डांसर’ और ‘सबसे बड़ा ड्रामेबाज’ जज कर चुके हैं और अब वह ‘सुपर डांसर-चैप्टर 2’ जज कर रहे हैं, जिसका प्रसारण शनिवार रात से शुरू हुआ। शो में चार से 13 साल तक की उम्र के बच्चे नजर आएंगे।
यह पूछे जाने पर कि उन्हें छोटे प्रतिभावान बच्चों को ही जज करना क्यों पसंद है तो उन्होंने आईएएनएस को बताया, “शो में हम उनके प्रदर्शन को जज करते समय उनकी आलोचना नहीं कर रहे। हम बस उनकी प्रतिभा का सही दिशा में मार्गदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। यह मेरे लिए बहुत आनंददायक है।”
उन्होंने कहा, “मुझे इन बच्चों से प्यार है क्योंकि ये निश्छल और ईमानदार हैं, न कि बड़ों की तरह.. जो रियेलिटी शो में भाग लेते हैं और आपका दिल जीतने के लिए होशियारी से काम लेते हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि कौन सही है या गलत है, लेकिन मैं वयस्कों का रियेलिटी शो जज नहीं कर पाऊंगा.इन बच्चों के साथ समय बिताना आनंददायक है।”
उन्होंने बताया कि डांस रियेलिटी शो में बच्चों के साथ जुड़ने से उन्हें नृत्य और बच्चों की कहानी कहने की शैली से बेहद लगाव हो गया और उन्होंने इसे अपनी फिल्मों ‘बर्फी’ और ‘जग्गा जासूस’ में दर्शाया है।
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