हैदराबाद, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस ने सोमवार को राज्यपाल से शिकायत की कि उसे छोड़कर तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) में शामिल हुए चार विधायकों को मंत्री बनाया जाना लोकतंत्र व संविधान का मजाक है।
पार्टी ने राज्यपाल ई.एस.एल नरसिम्हन से आग्रह किया कि या तो वह इन मंत्रियों को बर्खास्त करें या उनसे इस्तीफा देने को कहें।
वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने राज्यपाल से यहां राजभवन में मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
नरसिम्हन ने रविवार को आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में 11 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई।
जगनमोहन रेड्डी ने राज्यपाल से कहा कि एन.अमरनाथ रेड्डी, सी.आदिनारायण रेड्डी, आर.एस.कृष्ण रंगा राव तथा भूमा अखिला प्रिया वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए, लेकिन पिछले साल पार्टी के 17 अन्य विधायकों के साथ पाला बदलकर सत्तारूढ़ पार्टी में चले गए।
उन्होंने नरसिम्हन से यह भी कहा कि इन विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए शीघ्र ही विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका दाखिल की गई, लेकिन पार्टी द्वारा बार-बार इसकी याद दिलाए जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जगनमोहन रेड्डी ने याद दिलाया कि हाल में समाप्त हुए बजट सत्र के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न पार्टियों के संख्या बल की घोषणा की थी, जिसके मुताबिक पाला बदलने वाले चार विधायक 16 अन्य विधायकों के साथ वाईएसआर कांग्रेस के 66 विधायकों की सूची में शामिल थे।
उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह लोकतंत्र के उच्च मानदंडों की रक्षा करते हुए इन चारों विधायकों को मंत्रिपद के अधिकार से वंचित करें या उन पर इस्तीफे का दबाव डालें।
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