विजयवाड़ा, 12 नवंबर (आईएएनएस)। मशहूर अभिनेता व जन सेना प्रमुख पवन कल्याण ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चेताया कि अगर राज्य को किए वादे को पूरा करने वह नाकाम रही, तो उसे आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ लगभग एक घंटे की बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राज्य को विशेष दर्जा सहित कुछ मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने स्मरण कराते हुए कहा कि राज्य को विशेष दर्जा देने का संसद में वादा किया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादे को पूरा करने के प्रति राज्य को आश्वस्त किया था।
अभिनेता ने कहा कि वे मुद्दे पर केंद्र सरकार व मोदी की कार्यवाही का इंतजार करने के बाद अपनी रूपरेखा तय करेंगे।
जनसेना के विस्तार के लिए वित्तीय क्षमता में कमी का हवाला देते हुए पवन ने कहा कि यह इसके बारे में अपने कुछ मित्रों व शुभेच्छुओं से चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के विस्तार के लिए उन्हें संसाधन मिल जाएगा, तो वे साल 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
पवन ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख को नए राज्य की राजधानी अमरावती की आधारशिला रखने के लिए उन्हें बधाई दी और इस बात से अवगत कराया कि पिछले महीने अपने फिल्म की शूटिंग के कारण वे समारोह में उपस्थित नहीं हो सके थे।
पवन ने कहा कि राज्य की राजधानी से संबंधित कई मुद्दों से उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
उन्होंने नायडू को सलाह दी कि वे केवल राज्य की राजधानी पर ही ध्यान केंद्रित न करें, बल्कि अन्य क्षेत्रों पर भी उतना ही ध्यान दें।
अमरावती के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण पर अपने रुख को दोहराते हुए उन्होंने दावा किया कि नायडू किसानों से जबरन जमीन लेने को सहमत नहीं हैं।
अभिनेता ने विशाखापत्तनम जिले के जनजाति इलाकों में बॉक्साइट के खनन का मुद्दा भी उठाया और जनजाति समुदाय के लोगों के हितों के मद्देनजर, मुख्यमंत्री से कोई कदम नहीं उठाने को कहा।
राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह विशाखापत्तनम में बॉक्साइट खनन की मंजूरी का आदेश दिया था, जिसका जनजाति समुदाय व विपक्ष ने तीखा विरोध किया था।
पवन ने कहा कि उन्होंने आगामी ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव के बारे में चर्चा नहीं की।
इससे पहले, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कामीनेनी श्रीनिवास ने पवन कल्याण से हैदराबाद में सुबह मुलाकात के दौरान उन मुद्दों पर चर्चा की, जिसे नायडू के साथ बैठक के दौरान उठाया गया।
इसके बाद वे एक विशेष हेलीकॉप्टर से विजयवाड़ा के लिए रवाना हो गए। पवन सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे।
पवन व नायडू के बीच बैठक एक घंटे तक चली।
माना जा रहा है कि नायडू ने अमरावती के विकास की योजना से पवन को अवगत कराया और राजधानी के लिए जमीनों की आपूर्ति कैसे की जाए, इस पर उनका विचार जाना।
पवन ने सितंबर महीने में राजधानी क्षेत्र के गुंटूर जिला स्थित कुछ गांवों का दौरा किया था, जहां उन्होंने उन किसानों से मुलाकात की जिन्होंने जमीन देने से मना कर दिया था।
पवन व नायडू ने जीएचएमसी चुनाव की योजनाओं पर भी विचार किया।
पवन ने बीते साल लोकसभा चुनाव के दौरान जन सेना का गठन किया था। पार्टी ने लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन उन्होंने तेदेपा-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के लिए आंध्र प्रदेश व तेलंगाना दोनों ही राज्यों में चुनाव प्रचार किया था।
राज्य को विशेष दर्जा देने में हो रहे विलंब को लेकर सुपरस्टार व कांग्रेस नेता चिरंजीवी के छोटे भाई पवन भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से खुश नहीं हैं।
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