सूचना पाकर आला अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी के खिलाफ सीएमएस के आश्वासन देने के बाद लोगों ने प्रदर्शन खत्म किया और जाम खोल दिया। परिजनों ने संबंधित डॉक्टर, कंपाउडर और वार्ड ब्वॉय के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बच्चे की मां गीता ने बताया कि 23 अगस्त को वह बच्चे को लेकर इमरजेंसी आईं तो दीना यादव नामक कंपाउंडर ने उसके बच्चे के पैर में टाका लगा दिया। फिर अपना फोन नंबर देकर दूसरे दिन घर पर बुलाया। दूसरे दिन जब बच्चे को लेकर कंपाउंडर के घर गए तो वहां बच्चे के पैर में प्लास्टर बांध दिया और तीन दिन बाद जब बच्चे का प्लास्टर खोला तो उसका पैर सड़ चुका था।
परिजन बच्चे को लेकर बीएचयू गए। वहां भर्ती नहीं किया गया, तब परिजन एक प्राइवेट अस्पताल ले गए तो वहां पर डॉक्टर ने कहा कि जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ेगा। यह सुनकर परिजन भड़क गए और वे सीधा मंडलीय अस्पताल पहुंचे और सीएमएस से कम्पाउंडर की शिकायत की तो कोई सुनवाई नहीं की गई।
आक्रोशित मरीजों ने मंडलीय अस्पाताल के बाहर चक्का जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद वहां पहुंची पुलिस ने और सीएमएस के आश्वासन पर जाम को समाप्त कराया गया। सीएमएस ने आश्वासन दिया कि कंपाउंडर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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