उज्जैन, 8 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा दलित समाज के संतों को महत्व दिए जाने की मंशा को लेकर 11 मई को सामाजिक समरसता स्नान और भोज का आयोजन किया जा रहा है, इससे पहले वाल्मीकि धाम के पीठाधीश्वर उमेश नाथ ने वाल्मीकि व रैदास समाज के संतों को भी महामंडलेश्वर बनाने की मांग उठाई है।
पीठाधेश्वर उमेश नाथ ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, “अखाड़ों के महामंडलेश्वर और मंडलेश्वर बनाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, मेरी अपील है कि कुछ वाल्मीकि और रैदास संतों को भी महामंडलेश्वर बनाया जाए। छोटी-छोटी व्यवस्थाओं में भी ऐसे संत हैं जिनमें महामंडलेश्वर और मंडलेश्वर होने की योग्यता है। वे चाहे कबीर को मानने वाला हों या रैदास या शबरी जी को।”
उन्होंने आगे कहा कि महामंडलेश्वर और मंडलेश्वर बनाने की प्रक्रिया में इन वर्गो के संतों से भी चार वेद, स्मृति, छह शास्त्र और विभिन्न शास्त्रों का शास्त्रार्थ कर लें। उसके बाद जो योग्य लगें, उन्हें महामंडलेश्वर या मंडलेश्वर बना दिया जाए। अगर ऐसा होगा तो सामाजिक समरसता का भाव पैदा होगा।
ज्ञात हो कि भाजपा द्वारा 11 मई को सामाजिक समरसता स्नान और भोज का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी हिस्सा लेने वाले हैं। वे वाल्मीकि आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में दलित समाज के संतों को सम्मानित करेंगे और उनके साथ क्षिप्रा में स्नान भी करेंगे।
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