नई दिल्ली, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। सरकार ने देश में पहली बार विकलांगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया। यह महोत्सव एक से तीन दिसंबर के बीच दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ है। महोत्सव में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की 40 फिल्में दिखाई जाएंगी।
विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्लूडी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के सहयोग से इस महोत्सव को शुरू किया गया।
मां और उसकी विकलांग बेटी के भावनात्मक रिश्ते पर आधारित मराठी फिल्म ‘यलो’ से इस महोत्सव की शुरुआत हुई। फिल्म का निर्माण रितेश देशमुख और उतुंग ठाकुर ने किया था जोकि 4 अप्रैल 2014 में प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म में डाउन सिंड्रोम से पीड़ित मानसिक रूप से विकलांग ‘गौरी’ और उसकी मां के जीवन को पर्दे पर दिखाया गया।
इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान निर्देशक महेश लिमये, मुख्य अभिनेत्री गौरी गाडगिल भी मौजूद थीं।
इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव लव वर्मा, गीतकार गुलजार, मेघना गुलजार और शिएटर की मशहूर अदाकारा संजना गुलजार जैसी शख्सियतें मौजूद रहीं।
महोत्सव में 16 लघु फिल्में, 14 वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्रीज) और 10 फीचर फिल्मों समेत भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की 40 फिल्मों को दिखाया जाएगा।
इस महोत्सव का समापन गुरुवार को होगा। महोत्सव के आखिरी दिन सूचना प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के अलावा विवेक ओबरॉय, संजय सूरी जैसे सितारों के शामिल होने की उम्मीद है।
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