विकलांगों पर चुटकुले पसंद नहीं : सतीश कौशिक

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। अनुभवी अभिनेता व फिल्मकार सतीश कौशिक 1980 के दशक से अपनी भूमिकाओं के जरिए दर्शकों को हंसाते आए हैं। वह भारत में और अधिक सिटकॉम और कॉमेडी शो होने के पक्ष में हैं, लेकिन वह विकलांगों पर या किसी की शक्ल-सूरत पर बनने वाले चुटकुलों और उनका मजाक उड़ाए जाने के खिलाफ हैं।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। अनुभवी अभिनेता व फिल्मकार सतीश कौशिक 1980 के दशक से अपनी भूमिकाओं के जरिए दर्शकों को हंसाते आए हैं। वह भारत में और अधिक सिटकॉम और कॉमेडी शो होने के पक्ष में हैं, लेकिन वह विकलांगों पर या किसी की शक्ल-सूरत पर बनने वाले चुटकुलों और उनका मजाक उड़ाए जाने के खिलाफ हैं।

मुंबई से फोन पर सतीश ने आईएएनएस से बात की। यह पूछे जाने पर कि उन्हें कॉमेडी के बारे में क्या पसंद नहीं है, उन्होंने कहा, “मैं ऐसी कामेडी पसंद नहीं करता जो किसी विकलांग या किसी के शारीरिक विकार का मजाक उड़ाए। अन्यथा, कुछ टीवी शो जैसे ‘भाभी जी घर पर हैं’ ने अपनी छाप छोड़ी है।”

कौशिक फिलहाल टीवी कॉमेडी धारावाहिक ‘मे आई कम इन मैडम?’ में नजर आ रहे हैं। उन्हें इस शो में साजन अग्रवाल का किरदार पसंद है, वह उसे मनोरंजक किरदार मानते हैं। इससे पहले अभिनेता कॉमेडी धारावाहिक ‘सुमित संभाल लेगा’ में नजर आए थे।

सतीश कॉमेडी को लोकप्रिय विधा मानते हैं, जो लोगों के मन को सुकून देती है और इसे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है।

उन्हें कॉमेडी धारावाहिक ही मिले हैं। तो क्या इसका अर्थ यह हुआ कि टीवी के दर्शक उन्हें किसी और तरह के शो में नहीं देख सकेंगे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ड्रामा शो में उन्हें काम करने का प्रस्ताव कभी नहीं मिला। अगर, उन्हें बढ़िया भूमिका निभाने का मौका मिलता है तो वह इसे जरूर करना पसंद करेंगे।

‘तेरे नाम’ और ‘गैंग ऑफ घोस्ट्स’ जैसी फिल्मों को निर्देशित कर चुके सतीश ‘सुमित संभाल लेगा’ जैसे टीवी शो को निर्देशित करने की इच्छा रखते हैं।

यह पूछे जाने पर कि उनके निर्देशन में बनी फिल्मों को सिनेमाघरों प्रदर्शित हुए दो साल से ज्यादा समय गुजर चुका हैं, तो क्या वह फिर से निर्देशन करने के लिए तैयार हैं? जवाब में फिल्मकार ने कहा कि ‘अ बिलियन कलर स्टोरी’ फिल्म का सह-निर्माण करने पर उन्हें गर्व है। कई फिल्म महोत्सवों में इसका प्रीमियर हुआ है। इसे जल्द ही रिलीज करने की योजना है।

सतीश ने बताया कि उनकी फिल्म ‘मैं जिंदा हूं’ उत्तर प्रदेश के आम शख्स के ऊपर बनी बायोपिक है। यह इस साल तक बनकर तैयार हो जाएगी।

सतीश (60) जल्द ही एक नाटक के मंचन के सिलसिले में अमेरिका जा रहे हैं।

फिल्मकार का कहना है कि वह एक कलाकार हैं और किरदार अच्छा होने पर वह जो भी मंच मिलेगा उस पर अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने अपने मशहूर किरदार कैलेंडर के नाम पर दिल्ली में एक रेस्तरां भी खोला है।

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