उन्होंने मंत्रियों व अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
योगी ने शनिवार को समीक्षा बैठक करते हुए कहा, “इनके क्रियान्वयन में भ्रष्ट और दागी लोगों को कोई महत्व न दिया जाए। सरकारी धन जनता का धन है और इसका दुरुपयोग हर हाल में रोका जाए। विकास का मतलब फिजूलखर्ची नहीं है।”
उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को हर हाल में निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित धन का सदुपयोग हो और किसी भी दशा में पीएलए में धनराशि न रखी जाए।
योगी ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं के खर्च का सत्यापन किया जा सके।
योगी ने कहा, “केंद्र सरकार द्वारा नई कार्य संस्कृति लागू की गई है, जिसका हम अनुसरण करेंगे। राज्य सरकार लोगों को भ्रष्टाचार से मुक्त गुड गवर्नेस देना चाहती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि फाइलों की इंडेक्िंसग हो और कोई भी फाइल तीन दिन के अंदर निस्तारित होकर संबंधित विभाग से अधिकतम सात दिन के अंदर वापस आ जाए।”
बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित कई मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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