विकास की प्रमुख कड़ी हैं किसान : रमन सिंह (फोटो सहित)

उन्होंने कहा, “हरियर बस्तर बाजार एक बहुत अच्छी पहल है, जिसके माध्यम से हमारे बस्तर क्षेत्र की महिलाएं स्वसशक्तीकरण को बढ़ावा दे रही हैं। हरियर बस्तर बाजार के माध्यम से किसानों के उत्पाद बिना किसी बिचौलियों के सीधे ग्राहक तक पहुंच रहे हैं। जैविक खाद से उत्पादित इन स्वादिष्ट सब्जियों से बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।”

मुख्यमंत्री ने श्वेत बस्तर परियोजना द्वारा संचालित दुग्ध पार्लर का भी उद्घाटन किया। ग्राम तुरेनार स्थित डेयरी फार्म से दूध, पनीर, दही, लस्सी, छाछ, खोवा और खोवे से बनी मिठाइयां भी इस केंद्र से विक्रय की जा रही है। हरियर बस्तर बाजार महिला सशक्तीकरण का एक बढिया उदाहरण है, जिसमें अनेक लोगों को रोजगार मिल रहा है और जीरो बजट से व्यापार को प्रोत्साहन भी मिल रहा है। पहले किसान बिचौलियों के द्वारा कम मूल्य पर सब्जी बेच पाते थे, पर वह अब सीधे ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। इससे उनका जीवन स्तर ऊंचा उठा है।

रमन सिंह ने सीधे किसानों से मुलाकात करते हुए किसानों से कुछ सवाल भी किए, जिसका जवाब किसानों ने पूरे आत्मविश्वास से दिया। डॉ. रमन सिंह ने महुआ लड्डू की स्वाद की तारीफ की। इस कार्य के लिए उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह की सराहना भी की।

उल्लेखनीय है कि हरियर बस्तर बाजार बस्तर की महत्वपूर्ण योजना है। इसके उद्घाटन के साथ ही शहर एवं आसपास की जनता को जैविक खाद से उत्पादित ताजी और हरी सब्जियां प्राप्त होंगी।

इसके अलावा सुगंधित चावल, धान, मशरूम, कोदो, कुटकी, इमली चटनी और केचअप का विक्रय भी किया जाएगा। इसी प्रांगण में उद्घाटन अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने पूरे बाजार का भ्रमण किया। उन्हें एक फिल्म भी दिखाई गई साथ ही गोदाम, विक्रय केंद्र और मुख्य हॉल की व्यवस्था देखकर अत्यंत प्रभावित हुए।

हरियर बस्तर, जिले के किसानों की उन्नति के लिए जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया एक कदम है, जिसके तहत किसानों को संगठित कर उनके उत्पाद को सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए शहर के बीचो बीच हरियर बाजार के रूप में यह केंद्र विकसित किया गया है, जहां किसान लगभग 100 प्रकार के कृषि उत्पाद सीधे ग्राहकों को उपलब्ध कराएंगे।

यह सभी उत्पाद देशी पद्धति से उत्पादित होंगे। इनमें मौसमी सब्जियां, कंद, सुगंधित चावल, कोदो, कुटकी, रागी, दाल जैसे उड़द, मूंग, राहर, चना, मटर, मसूर आदि विक्रय करेंगे। इसके साथ ही यहां के मौसमी फल जैसे तेंदू व आम का विक्रय किया जा रहा है।

इसके साथ ही इस केंद्र में जैविक कृषि व बागवानी के इच्छुक लोगों के लिए जैविक खाद व दवा भी उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक रविवार को यहां जैविक कृषि व बागवानी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए पांच अलग-अलग संगठन बनाए गए हैं और फिर इन संगठनों का एक संगठन तैयार किया गया। वर्तमान में इस संगठन में लगभग पांच हजार किसान जुड़ चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा हरियर बाजार के माध्यम से किसानों के सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के साथ आदिम जाति कल्याण एवं शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, सांसद दिनेश कश्यप, जगदलपुर विधायक एवं अध्यक्ष पर्यटन मंडल संतोष बाफना सहित अन्य अधिकारी व हरियर बस्तर बाजार को संचालित करने वाले कृषक व महिला स्वयंसहायता समूह की सदस्याएं मौजूद थीं।

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