नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। देश की विकास दर 2015-16 में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक 7.6 फीसदी रही। भारत ने जहां चीन को पीछे छोड़ दिया, वहीं देश के लिए भी यह दर पिछले पांच सालों में सर्वाधिक है। बीते वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में विकास दर 7.9 फीसदी रही।
वास्तविक प्रति व्यक्ति आय भी 6.2 फीसदी बढ़कर 77,435 रुपये हो गई।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय आय पर जारी आंकड़े के मुताबिक, 2015-16 में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 113.50 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 105.52 लाख करोड़ रुपये था। यह 7.6 फीसदी की वृद्धि है।
भारतीय रिजर्व बैंक के मंगलवार के संदर्भ मूल्य 67.20 रुपये प्रति डॉलर के मुताबिक, जीडीपी का मूल्य 1,690 अरब डॉलर है।
आंकड़े के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष में प्रथम तिमाही की विकास दर 7.5 फीसदी, दूसरी तिमाही की 7.6 फीसदी, तीसरी तिमाही की 7.2 फीसदी और चौथी तिमाही की 7.9 फीसदी रही।
2014-15 में देश की विकास दर 7.2 फीसदी रही थी और 2013-14 में यह 6.6 फीसदी थी और 2012-13 में यह दर 5.6 फीसदी थी।
क्षेत्रवार देखा जाए, तो सात फीसदी से अधिक विकास दर वाले क्षेत्रों में रहे वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाएं (10.3 फीसदी), विनिर्माण (9.3 फीसदी), व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण संबंधी सेवाएं (9 फीसदी) और खनन (7.4 फीसदी)।
ताजा विकास दर चीन की दर से अधिक है। चीन की विकास दर कैलेंडर वर्ष 2015 की आखिरी तिमाही में 6.8 फीसदी और 2016 की प्रथम तिमाही में 6.7 फीसदी दर्ज की गई, जो 2009 के बाद सबसे कम है।
वर्ष 2015-16 के आर्थिक सर्वेक्षण में देश की विकास दर 2015-16 में 7.6 फीसदी रहने का अनुमान दिया गया था।
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक ने विकास दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान दिया था।
dharmpath.com dharmpath