नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 31 जुलाई (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का आर्थिक सलाहकार नियुक्त करने के मामले में हस्तक्षेप नहीं करने का निर्णय लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन ने इस नियुक्ति पर आपत्ति की थी। राष्ट्रीय राजधानी में पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हुई है।
अच्युतानंदन ने यह कहते हुए गीता गोपीनाथ की नियुक्ति का विरोध किया था कि उनकी आर्थिक नीतियां पार्टी की नीतियों से नहीं मेल खातीं। उन्होंने माकपा प्रमुख सीताराम येचुरी को पत्र लिखकर इस नियुक्ति पर अपनी नाराजगी जताई थी।
पोलित ब्यूरो ने तय किया कि वह इस मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं करेगा और इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि ऐसे मुद्दों पर निर्णय राज्य और सरकार के स्तर पर किया जा सकता है।
गीता की नियुक्ति तब मुद्दा बनी जब मीडिया ने यह मुद्दा उठाया। उससे पहले कांग्रेस ने इस नियुक्ति पर आश्चर्य जताया और उसके बाद अच्युतानंदन ने अपनी पार्टी के प्रमुख को पत्र भेज दिया।
लेकिन, पार्टी और सरकार से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखने वाले विजयन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। पार्टी के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन पहले ही कह चुके हैं कि गीता की नियुक्ति को पार्टी की राज्य इकाई से पहले से ही स्वीकृति प्राप्त है।
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