पुणे/नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सुपरकम्प्युटिंग के जनक माने जाने वाले पुणे के तकनीकी विशेषज्ञ विजय पांडुरंग भाटकर को बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 25 जनवरी 2017 से भाटकर की इस पद पर नियुक्ति की मंजूरी दे दी है।
नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम, के अनुच्छेद 11 (3) के मुताबिक, वह अपनी नियुक्ति के तिथि से अगले तीन वर्षो तक इस पद पर बने रहेंगे।
भाटकर (70) गोपा सभरवाल के स्थान पर नियुक्त हुए हैं। गोपा ने पिछले साल 24 नवंबर को इस पद से इस्तीफा दे दिया था।
पुणे में 11 अक्टूबर, 1946 को जन्मे भाटकर ने आईआईटी दिल्ली, सर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नागपुर और एमएस यूनिवर्सिटी वडोदरा से शिक्षा ग्रहण की थी।
वह 1988 में पुणे स्थित सेंटर ऑफ डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (सी-डैक) में सुपरकम्पयूटर बनाने की परियोजना का नेतृत्व कर चुके हैं, जिसके तहत देश के पहले स्वदेशी सुपरकम्प्यूटर परम 8,000 और परम 10,000 का निर्माण किया गया था।
भाटकर केंद्रीय मंत्रिमंडल की वैज्ञानिक सलाहकार समिति और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के संचालक मंडल के सदस्य रह चुके हैं।
भाटकर को पद्मश्री और पद्मभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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