नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को विदेशों से भारत में आकर दीर्घकालिक वीजा पर बसे अल्पसंख्यकों के लिए नागरिकता नियमों-2009 में ढील दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संशोधन को मंजूरी दी गई।
एक आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, “केंद्रीय मंत्रिमंडल अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भारत आकर दीर्घकालिक वीजा पर रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय जैसे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई लोगों को अतिरिक्त नागरिक सुविधाएं प्रदान करने को मंजूरी देता है।”
सरकार का यह कदम विदेशी प्रवासियों को हो रही कठिनाइयों को कम करना है।
इस संशोधन के साथ देश में दीर्घकालिक वीजा पर रह रहे विदेशी प्रवासी अब भारत में अपने बैंक खाते खोल सकेंगे, पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकेंगे।
इसके अलावा उन्हें अपने उपयोग और स्वरोजगार की सुविधा के लिए संपत्ति खरीदने का भी अधिकार होगा।
आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, “नया संशोधन विदेशी प्रवासियों को उनके निवास वाले राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कहीं भी स्वतंत्रतापूर्वक आने-जाने, स्वरोजगार करने, दीर्घकालिक वीजा दस्तावेज को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की इजाजत देता है, अल्पकालिक या दीर्घकालिक वीजा की अवधि समय पर न बढ़वाने पर दंड से छूट प्रदान करता है, बिना इजाजत किसी जगह पहुंचने के बाद उसी जगह से दीर्घकालिक वीजा के लिए आवेदन देने की सुविधा मुहैया कराता है।”
सरकार ने अपने वक्तव्य में यह भी स्पष्ट किया है कि कलेक्टर या जिला दंडाधिकारी को आवेदकों को निष्ठा की शपथ दिलाने के लिए उप-मंडलाधिकारी रैंक या उससे ऊपर की रैंक के अधिकारी की नियुक्ति का अधिकार होगा।
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