रांची, 19 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा के शुक्रवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र में हंगामे के आसार हैं। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है।
जो महत्वपूर्ण मुद्दे हैं उनमें कानून-व्यवस्था की स्थिति, पुलिस के काम करने का तरीका, राज्यसभा चुनाव को लेकर हुआ स्टिंग ऑपरेशन, डोमिसाइल नीति में बदलाव, योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी, पंचायतों को अधिकार और ऊर्जा नीति में बदलाव शामिल हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन बचाव की पूरी तैयारी कर रहा है ताकि विपक्ष का मुकाबला कर सके।
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने सदन की कार्यवाही के सुगम संचालन में सहयोग के लिए बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
उरांव ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि सत्र का संचालन निर्विघ्न ढंग से हो और इसका उपयोग लोगों की भलाई के लिए हो।”
सत्तारूढ़ भाजपा के मुख्य सचेतक राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार अब तक के प्रदर्शन से संतुष्ट है और यह विपक्ष के सभी आरोपों का मुकाबला करने को तैयार है।
विपक्ष के नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। झारखंड में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी पार्टी कानून-व्यवस्था, डोमिसाइल नीति और राज्यसभा चुनाव में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहेगी।
झारखंड विकास मोर्चा-पी के नेता प्रदीप यादव ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति दयनीय है, पुलिस पर नियंत्रण नहीं है और पंचायतों को कोई अधिकार नहीं दिए गए हैं।”
विपक्ष भाजपा अध्यक्ष ताला मरांडी से जुड़े विवाद का मुद्दा भी उठा सकता है क्योंकि उनके और उनके बेटे मुन्ना के खिलाफ नाबालिग लड़की से शादी करने को लेकर दर्ज प्राथमिकी दर्ज है।
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