धर्मशाला, 11 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिमाचल प्रदेश में ध्यान का 10 दिवसीय सत्र पूरा करने के बाद गुरुवार को कहा कि अब वह खुद को ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं और राजनीति की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) नेता का यह ध्यान सत्र दो अगस्त को शुरू हुआ था। ध्यान केंद्र में इन 10 दिनों के भीतर उन्हें किसी से मिलने, अखबार पढ़ने या टेलीफोन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं थी।
केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “मैं अब बेहद शांति और खुद को ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। विपश्यना से मुझे निश्चित तौर पर आगे आने वाली चुनौतियों से लड़ने में मदद मिलेगी।”
केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी के प्रशासनिक मामलों में उप राज्यपाल को प्रधानता दिए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “मैं अभी विपश्यना केंद्र से आया हूं, इसलिए मेरे पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस पर टिप्पणी करने से पहले मैं कोर्ट का आदेश पढूंगा।”
केजरीवाल ने पंजाब की राजनीति पर भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, “10 दिन का विपश्यना कोर्स करके लौट रहा हूं। बेहतर, तरोताजा और ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं।”
धर्मशाला के सर्किट हाउस में कुछ समय व्यतीत करने के बाद केजरीवाल सड़क मार्ग से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए।
केजरीवाल एक अगस्त को हिमाचल प्रदेश के धर्मकोट में ध्यान पद्धति विपश्यना के सत्र में शामिल होने आए थे।
आधिकारिक सूत्रों ने पहले कहा था कि केजरीवाल 12 अगस्त को दिल्ली लौटेंगे।
ध्यान सत्र के दौरान किसी को भी केजरीवाल से मिलने की इजाजत नहीं थी।
हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने उन्हें ‘राज्य के अतिथि’ का दर्जा दिया था और उपायुक्त रितेश चौहान ने उनकी अगुवाई की थी।
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