कोलकाता, 15 नवंबर (आईएएनएस)। प्रसिद्ध बांग्लादेशी फिल्मनिर्माता व लेखक तन्वीर मोकम्मल का कहना है कि 1947 में बंगाल के विभाजन की ऐतिहासिक घटना ने उपमहाद्वीप के लोगों के बीच दूरियों और दुश्मनी को बढ़ाया है।
कोलकाता, 15 नवंबर (आईएएनएस)। प्रसिद्ध बांग्लादेशी फिल्मनिर्माता व लेखक तन्वीर मोकम्मल का कहना है कि 1947 में बंगाल के विभाजन की ऐतिहासिक घटना ने उपमहाद्वीप के लोगों के बीच दूरियों और दुश्मनी को बढ़ाया है।
तनवीर की नवीनतम डॉक्यूमेंट्री ‘द बोर्डरलाइन’ (सीमांतोरेखा) में 1947 में बंगाल के विभाजन को मानवीय कथानक द्वारा आकार दिया गया है। इस वृत्तचित्र के लिए पैसा लोगों से जुटाया गया।
बांग्लादेश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान एकुशे पदक जीतने वाले लेखक ने कहा कि समस्याओं पर पर्दा डालने के बजाय, अतीत को स्वीकार किया जाना चाहिए और निष्पक्ष रूप से उसका सामना किया जाना चाहिए ताकि ‘हम सद्भाव के साथ भविष्य में आगे बढ़ सकें।”
मोकम्मल ने आईएएनएस को ईमेल इंटरव्यू के जरिए बताया, “यह कहा गया था कि विभाजन दो समुदाय हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विसंगति और संघर्ष को कम करेगा। लेकिन, इसने उपमहाद्वीप के लोगों के बीच दूरियों और दुश्मनी को और बढ़ा दिया। यदि हम एक शांतिपूर्ण और संपन्न दक्षिण एशिया बनाना चाहते हैं तो विभाजन से संबंधित मुद्दों से हमें निपटना चाहिए।”
बांग्लादेश में कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले मोकम्मल ने विभाजन और इसकी प्रासंगिकता के लचीलेपन के बारे में बताया है और इस बात पर जोर दिया कि इसके प्रभाव ‘बढ़’ रहे हैं।
मोकम्मल ने कहा, “फिल्म की विषय वस्तु 1947 के विभाजन की अलग-अलग अभिव्यक्तियों को दशार्ती है, लेकिन मानव कहानियों पर मुख्य ध्यान दिया गया है। इसलिए दोनों पक्षों के शरणार्थियों और जो भी विभाजन से प्रभावित हुए, वे सभी लोग हमारा विषय थे।”
उन्होंने कहा, “हम, बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के लोग अभी भी विभाजन की विरासत से पीड़ित हैं। लाखों परिवारों को पलायन करने के लिए मजबूर किया गया था जिसके कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ था।”
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