मुंबई, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकों से कहा कि अगर कोई ग्राहक 500 रुपये तथा 1,000 रुपये के पुराने नोट लेकर उसे छोटी बचत योजनाओं में जमा करने आता है, तो वे तत्काल प्रभाव से उसे स्वीकार नहीं करें। एक आधिकारिक अधिसूचना से यह जानकारी मिली। इस कदम के कारणों का हालांकि खुलासा नहीं किया गया है।
आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, “भारत सरकार ने फैसला किया है कि ग्राहकों को पुराने नोटों को छोटी बचत योजनाओं में जमा करने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। इसलिए बैंकों को तत्काल प्रभाव से 500 रुपये तथा 1,000 रुपये के पुराने नोटों को छोटी बचत योजनाओं के लिए स्वीकार नहीं करने की सलाह दी गई है।”
छोटी बचत योजनाओं में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स (एनएससी), सीनियर सिटिजन सेंविग्स स्कीम (एससीएसएस) अकाउंट तथा किसान विकास पत्र (केवीपी) शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 500 रुपये तथा 1,000 रुपये के नोट को आठ नवंबर की आधी रात से अवैध घोषित कर दिया।
500 रुपये तथा 1,000 रुपये के पुराने नोट सरकारी अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, मेट्रो टिकट काउंटर तथा उपयोगिता बिलों के मद में 24 नवंबर तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
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