नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण से पहले इसकी जानकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोगों को दे दी गई थी। पहले से ही जानकारी होने के कारण सोना-चांदी और हीरे में भारी लेनदेन और सौदे हुए। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की अदालती निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा, “हम लोग पहले आरोप लगा चुके हैं और हम दोबारा इस मुद्दे को उठाएंगे कि भाजपा ने अपने लोगों को विमुद्रीकरण के कदम के बारे में सूचना दी थी। विमुद्रीकरण से पहले सोना-चांदी, हीरे, विदेशी मुद्राओं और प्रतिभूतियों में बड़े पैमाने पर हस्तान्तरण हुए हैं।”
उन्होंने कहा, “इन लेनदेन और सौदों की एक सूची बनाई जानी चाहिए और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक समिति से इनकी जांच कराई जानी चाहिए।”
विमुद्रीकृत नोटों को बदलने के लिए बैंकों के बाहर करोड़ों लोगों की भीड़ की ओर इशारा करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि ‘वह देश के लोगों की खिल्ली उड़ा रहे हैं।’
शर्मा ने कहा, “मोदी ने क्रूर तरीके से देश के लोगों की हंसी उड़ाई है और उन्हें अपमानित किया है। बैंकों के बाहर करोड़ों लोग पंक्तियों में खड़े हैं जिनमें से कई को कुछ दिनों से भोजन नहीं मिला है। क्या प्रधनमंत्री इन सभी लोगों को काला धन रखने वाला या अपराधी समझते हैं?”
उन्होंने कहा, “सरकार ने गत अगस्त महीने में संसद को सूचित किया था कि देश में प्रचलित करीब 17 लाख करोड़ रुपये मूल्य की मुद्राओं में केवल 0.2 प्रतिशत ही नकली हैं। क्या इसका तात्पर्य यह है कि 86.40 प्रतिशत प्रचलित मुद्राएं काला धन हैं?”
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