विवेक तिवारी की हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर शमशेर यादव जगराना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि एसआईटी जांच में भी यूपी पुलिस के ही सदस्य शामिल हैं, ऐसे में जांच को प्रभावित किया जा सकता है। इसलिए मामले की जांच सीबीआई कराई जानी चाहिए।
अपर महाधिवक्ता वी.के. शाही ने सरकार की ओर से इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। निष्पक्ष जांच चल रही है, इसलिए सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले और न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने कहा कि विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी शिक्षित हैं। वह स्वयं अपना पक्ष रख सकती हैं। याची का इस मामले से कोई वास्ता नहीं बनता है, इसलिए उनकी याचिका खारिज की जाती है।
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