वीरभद्र के खिलाफ आरोप-पत्र पर 10 अप्रैल को विचार करेगी अदालत

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने शुक्रवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा अन्य के खिलाफ केंद्रीय जांज ब्यूरो (सीबीआई) के आरोप-पत्र पर विचार करने के लिए 10 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।

सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल की अदालत में पिछले सप्ताह आरोप-पत्र दाखिल किया था।

मामले में वीरभद्र सिंह के अलावा, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, जीवन बीमा निगम के एजेंट आनंद चौहान, उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंदर सिंह घलता, प्रेम राज, लवन कुमार रोच, वकमुल्लाह चंद्रशेखर तथा राम प्रकाश भाटिया के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

सीबीआई ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत अपराध के लिए उकसाना तथा फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है।

प्राथमिक जांच में पाया गया कि साल 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री रहते हुए वीरभद्र सिंह ने कथित तौर पर 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी। इसके बाद 23 सितंबर, 2016 को मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

वीरभद्र ने मामले में उनके खिलाफ दायर प्राथमिकी को खारिज करने से इनकार करने के दिल्ली उच्च न्यायालय फैसले के खिलाफ बुधवार को सर्वोच्च न्यायायल में याचिका दाखिल की।

कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त करने को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 31 मार्च को दिए गए आदेश को चुनौती दी है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में वीरभद्र की गिरफ्तारी करने, पूछताछ करने या आरोप-पत्र दायर करने से रोक लगाई थी।

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