नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में वेदांता की आय में 40.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 23,691 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में वेदांता की आय 16,864.6 करोड़ रुपये रही थी। इस दौरान कंपनी का मुनाफा बढ़कर 2988 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी को 21,103 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
कंपनी ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 2016-17 में कंपनी के परिचालन राजस्व में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 71,721 करोड़ रुपये रही।
वहीं, वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 41 फीसदी बढ़कर 22,371 करोड़ रुपये रही, जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष में यह 15,828 करोड़ रुपये थी।
साल दर साल आधार पर वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में वेदांता का एबिटा 3516.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 7349.7 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में वेदांता का एबिटा मार्जिन 22.1 फीसदी से बढ़कर 32.7 फीसदी रहा है।
वेदांता के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा, “केयर्न इंडिया का अधिग्रहण पूरा होने से वेदांता भारत में विविध प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर कंपनी बन गई है। वेदांता वित्त वर्ष 2016-17 सरकारी खजाने में सबसे ज्यादा योगदान करने वाली कंपनी रही और 40,000 करोड़ रुपये का कर चुकाया। हमने अपने शेयरधारकों को रिकार्ड लाभांश का भुगतान किया जो उनके प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
वेदांता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम अल्बानीज ने कहा, “हमारा ध्यान जिंक, अल्युमिनियम, बिजली और आयरन ओर के उत्पादन को बढ़ाने पर रहा। इनकी मांग में मजबूती हमने उत्पादन बढ़ाने में सफलता हासिल की।”
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