नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उद्योग मंडल सीआईआई ने गुरुवार को कहा कि उसके हाल के सर्वेक्षण से यह खुलासा हुआ है कि डिजिटाइजेशन, अंतर्देशीय अवसंरचना विकास और चार उच्च वृद्धि वाले व्यापार क्षेत्रों में एक कुशल नियामकीय माहौल के माध्यम से व्यापार लागत में कटौती से निर्यात में 5 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उद्योग मंडल सीआईआई ने गुरुवार को कहा कि उसके हाल के सर्वेक्षण से यह खुलासा हुआ है कि डिजिटाइजेशन, अंतर्देशीय अवसंरचना विकास और चार उच्च वृद्धि वाले व्यापार क्षेत्रों में एक कुशल नियामकीय माहौल के माध्यम से व्यापार लागत में कटौती से निर्यात में 5 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
सीआईआई ने एक बयान जारी कर कहा, “कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) और मेरेस्क द्वारा अपने तरह के इस पहले अध्ययन से यह पता चला है कि डिजिटाइजेशन, अंतर्देशीय अवसंरचना विकास और चार उच्च वृद्धि वाले व्यापार क्षेत्रों में एक कुशल नियामकीय माहौल के माध्यम से व्यापार लागत में कटौती से निर्यात में 5 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।”
इसमें कहा गया, “लागत में 10 फीसदी की कमी से भारत की प्रतिस्पर्धिता में वृद्धि होगी, जिससे सालाना 5.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।”
इस अध्ययन का शीर्षक ‘स्टिमुलेटिंग इंडियाज एक्सिम ग्रोथ’ है। इसमें बताया गया है कि टैक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो कंपोनेंट्स के व्यापार में अप्रत्यक्ष/छिपा हुआ लागत, अविश्वसनीय परिवहन सेवाएं और नियामकीय/नौकरशाही के कारण देरी से परिवहन लागत 38-47 फीसदी बढ़ जाती है।
मरेस्क लाइन के प्रबंध निदेशक फ्रैंक डेडनीस ने बताया, “अगर लागत में एक-चौथाई भी कमी आती है तो काफी हद तक इन क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा दिया जा सकता है।”
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