नई दिल्ली, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन, जमात-ए-इस्लामी हिंद ने शहरों और मार्गो के नाम बदलने पर रोक लगाने की मांग की है और कहा है कि ऐतिहासिक स्थलों के नाम बदलने वाला कोई भी अभियान या कदम इतिहास को दोबारा लिखने का एक प्रयास है।
संगठन ने कहा है, “जमात-ए-इस्लामी हिंद हाल ही में औरंगजेब मार्ग का नाम कलाम (पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम) रखने सहित सांप्रदायिक आधार पर शहरों और मार्गो के नाम बदलकर रखने की निदा करता है। यह सत्ता में कुछ लोगों के बीच प्रचलित सांप्रदायिक मानसिकता का एक उदाहरण है।”
संगठन ने एक बयान में कहा है, “ऐतिहासिक स्थलों और मार्गो के नाम बदलने का अभियान इतिहास को दोबारा लिखने, एक विशेष समुदाय की किसी ऐतिहासिक शख्सियत को खलनायक एवं देश का शत्रु दिखाने की कोशिश है।”
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने 30 अगस्त को कर्नाटक में हुई चर्चित लेखक एवं शिक्षाविद् एम.एम. कलबुर्गी की हत्या की भी निंदा की।
संगठन की ओर से शनिवार को कहा गया कि कलबुर्गी की हत्या पुणे में अंधविश्वास-विरोधी कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर और कोल्हापुर में हुई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के दिग्गज नेता गोविंद पंसारे की हत्या के बाद किसी तीसरे नामचीन नेता की हत्या है।
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