कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दौलतापुर निवासी एक ग्रामीण की पुत्री की शादी दस साल पहले हुई थी। शादी के बाद पति से सम्बन्ध अच्छे न होने के कारण अपने पति से अलग होकर अपने मायके रहने लगी। कुछ सालों तक महिला अपने माता पिता के पास रही। उसके बाद वहीं के निकट ग्राम राजपुर सिकली पुरवा के एक युवक से प्रेम संबंध हो गए और युवक ने उससे शादी करने का वादा किया और मिलने लगा।
युवक के घरवालों को जब बात पता चली तो युवक के मां बाप भी उससे शादी करने के लिए राजी हो गए। शादी की बात फाइनल होने के बाद युवक उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाने लगा। धीरे धीरे कुछ माह बीत जाने के बाद युवती ने शादी के लिए कहा तो युवक उसे लेकर लखीमपुर से कोर्ट में शादी कर लेने के लिए पहुंचा, वहां पर उसने कोई बहाना बताकर वापस चला आया। युवती ने बताया कि शादी करने का झांसा देकर वह उससे रुपये भी ठगने लगा।
युवती ने बताया कि युवक लगभग डेढ़ लाख से अधिक रुपया भी ले चुका है। पूरी तरह पत्नी की तरह रखने के बाद उसने जब शादी से इन्कार कर दिया तो महिला युवक के घर गई। जहां उसके माता पिता ने भी शादी से इंकार कर दिया। युवती ने कई बार आत्महत्या का भी प्रयास किया।
युवती ने बताया कि घर वालों के शादी से मना कर देने के बाद युवती ने पुलिस से लेकर जिले के कई अधिकारियों के यहां न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया। लेकिन न्याय नहीं मिला। इसके बाद युवती न्यायलय की शरण में गई। उसके बाद पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी राजू पुत्र मनोहर लाल मौर्य, पिता मनोहर लाल भाई साकेत कुमार तथा आरोपी की मां के विरुद्ब धारा 376) 506 तथा 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
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