अजीत जोगी ने कहा, “मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षाकर्मियों की संविलियन की जायज मांगों को नकार दिया गया है, जो अहंकारी राज हठ को इंगित करता है या फिर मुख्यमंत्री रमन सिंह लगभग 15 साल से शासन करते हुए ऊब चुके हैं। उनका संविलियन का विरोध शिक्षाकर्मियों के जख्मों पर मरहम लगाने के स्थान पर नमक मिर्च का तड़का लगाकर पुराने जख्मों को कुरेदने जैसा है।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अहंकारी बयान शिक्षाकर्मियों को और ज्यादा उत्तेजित और उद्वेलित करने वाला है जो भाजपा सरकार की परंपरागत असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
जोगी ने कहा है कि शिक्षाकर्मियों के इस साहसिक संघर्ष में वह उनके साथ हैं तथा ‘अगले वर्ष जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सत्ता में आते ही उनकी संविलियन की जायज मांग को पूरा किया जाएगा।’
dharmpath.com dharmpath