नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दूरदर्शन केंद्र शिमला के एक शीर्ष अधिकारी तथा पंजाब के जालंधर की दो कंपनियों के खिलाफ 50 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज किया है।
साल 2007-12 के बीच दूरदर्शन द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों के भुगतान में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की शिकायत के बाद सीबीआई की एक टीम ने 10 जून को दूरदर्शन केंद्र शिमला में छापेमारी की थी।
सीबीआई ने कहा कि तत्कालीन शिमला स्टेशन डायरेक्टर, जो अब जालंधर में दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक हैं और साथ ही शिमला केंद्र का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं, ने कंपनियों के वितरकों के साथ एक आपराधिक साजिश में हिस्सा लिया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हिंदी फिल्मों के प्रसारण की मंजूरी दी।
आरोप है कि दिशानिर्देशों का पालन किए बिना फर्जी अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर हिंदी फीचर फिल्म, टेली फिल्म, हिंदी फिल्मी गानों के प्रसारण के लिए दोनों कंपनियों को लगभग 50 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि जालंधर में छह जगहों व शिमला में दो जगहों पर छापेमारी की गई। आरोपी के आधिकारिक परिसर व निवास स्थान, दोनों ही जगहों पर छापेमारी की गई, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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