शिमला, 26 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर उस शिलान्यास पट्टिका को हटाने का आरोप लगाया गया, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल के नाम लिखे थे।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हस्तक्षेप करते हुए धूमल ने कहा कि सिंह ने जानबूझकर पट्टिकाएं हटाने के आदेश दिए।
उदाहरण देते हुए धूमल ने कहा कि उन्होंने अपने पिछले मुख्यमंत्रित्वकाल में धर्मशाला शहर में कांगड़ा सेंट्रल कोओपरेटिव बैंक के भवन का उद्घाटन किया था। “लेकिन जब वह (वीरभद्र सिंह) सत्ता में आए (2012 के दिसंबर में) तो कांगड़ा सेंट्रल कोओपरेटिव बैंक से मेरे नाम की पट्टिका हटाने के आदेश दिए। एक दिन वह खुद से राहत पाने का बहाना बनाकर वहां केवल यह जानने के लिए गए कि पट्टी हटाई गई या नहीं।”
इसके बाद वीरभद्र सिंह ने पूछा,”कैसे आप जानते हैं कि मैंने वहां पेशाब किया या नहीं।”
इस पर धूमल ने जवाब दिया, “आपके लोगों ने मुझे सूचना दी।”
धूमल की टिप्पणी पर तिलमिलाए और नाराज वीरभद्र ने कहा, “यह अशिष्टता और बेहूदगी की पराकाष्ठा है। यह स्पष्ट रूप से आपके मस्तिष्क में बुरे विचारों को प्रतिबिंबित करता है।”
dharmpath.com dharmpath