भोपाल, 9 जून (आईएएनएस)। नर्मदा मिशन के संस्थापक समर्थ भैय्या जी सरकार ने नर्मदा नदी पर गहराते संकट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है कि वे इसे बचाने की योजना से पहले उसके किनारे हो रहे खनन को पूरी तरह बंद करने के लिए सख्त कदम उठाएं।
बीते 16 माह से नर्मदा को लेकर सत्याग्रह कर रहे भैय्या जी सरकार ने भोपाल में गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि अंधाधुंध हो रहे खनन एवं दोहन के कारण नर्मदा पर संकट गहराता जा रहा है। आने वाले समय में भीषण प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश का जन-जीवन प्रभावित होगा। साथ ही दिन-रात नदी में गिर रहे नालों के गंदे पानी से नर्मदा जल प्रदूषित हो रहा है, जिससे संक्रामक महामारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अब शीघ्र ठोस फैसले लेने होंगे, जिससे प्रदेश का जनजीवन आने वाले समय में खुशहाल व सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति बेहद गंभीर एवं चिंताजनक हो गई है। जहां एक ओर प्रदेश की जीवनदायनी मां नर्मदा की सहायक नदियां धीरे धीरे विलुप्त हो रही हैं, तो दूसरी तरफ तट पर दोहन व खनन का अंधाधुंध व्यापार हो रहा है।
समर्थ ने कहा कि राज्य सरकार नर्मदा के जल के दोहन की योजना तुरंत क्रियान्वित कर देती है, मगर उसके पास संरक्षण व संवर्धन की कार्ययोजना नहीं है। अब जरूरी हो गया है कि नर्मदा के संरक्षण व संवर्धन के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और छेड़खानी कर रहे माफियाओं पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा नदी के संरक्षण को लेकर जबलपुर व आसपास के क्षेत्रों में जनांदोलन चलाया जा रहा है। इस आंदोलन को छिंदवाड़ा, लखनादौन (सिवनी), डिंडौरी, मंडला, नरसिंहपुर व होशंगाबाद के लोगों का भी साथ मिल रहा है।
dharmpath.com dharmpath