भोपाल, 13 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव ने मंगलवार को पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में बुंदेलखंड के विकास के लिए आवंटित किए गए लगभग साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया और अब तक खर्च की गई राशि पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
यादव ने एक बयान जारी कर कहा कि बुंदेलखंड पैकेज की राशि से पन्ना जिले में 58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सिरस्वाहा बांध और 11 करोड़ रुपये की लागत से बना बिलखुरा बांध साल भर में ही ध्वस्त हो गया। यह बुंदेलखंड पैकेज में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए काफी है।
यादव ने कहा कि इस बात की भी न्यायिक जांच होनी चाहिए कि जब पन्ना के तत्कालीन जिलाधिकारी एस़ एऩ चौहान ने जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव आऱ एस़ जुलानिया को बांध के ध्वस्त होने से कुछ ही घंटे पहले बांध की स्थिति की सूचना दे दी थी, तब प्रमुख सचिव मौन क्यों और किसलिए रहे?
मप्र कांग्रेस प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता एम.जी़ चौबे को सेवानिवृत्ति के बाद पांचवीं बार सेवावृद्धि क्यों दी गई है।
यादव ने कहा कि जल संसधान विभाग में बांध निर्माणों में हुए भ्रष्टाचार में तत्कालीन जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया, तत्कालीन प्रमुख सचिव व वर्तमान अपर मुख्य सचिव आऱ एस़ जुलानिया, प्रमुख अभियंता एम.जी़ चौबे की सीधी-सीधी भागीदारी है। लिहाजा, उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
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