नई दिल्ली, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने शनिवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को कथित पानी टैंकर घोटाले में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को गिरफ्तार करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को गिरफ्तार कर विस्तार से पूछताछ की जाए तो पूरे मामले का और उन कारणों का खुलासा हो जाएगा, जिनकी वजह से ‘प्रधानमंत्री मोदी दीक्षित को बचा रहे हैं’।
मिश्रा ने यह बात घोटाले के संदर्भ में एसीबी द्वारा भेजे गए नए नोटिस के जवाब में कही है।
उन्होंने एसीबी को गलत इरादा रखने का आरोप लगाया और कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक अन्य प्राथमिकी दर्ज करने के लिए ‘दबाव में काम कर रही है’।
उन्होंने कहा, “स्वाति मालीवाल के खिलाफ हाल के मुकदमे के आलोक में यह स्पष्ट है कि एसीबी केजरीवाल के खिलाफ किसी भी तरीके से प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबाव में है।”
मिश्रा ने कहा कि शनिवार को मिले एसीबी के ताजा नोटिस में भी उनसे वे ही सवाल किए गए हैं, जिन्हें जब वह गत चार जुलाई को जांच ब्यूरो के दफ्तर में गए थे तो पूछे गए थे।
मिश्रा ने कहा, “शिकायतकर्ता के रूप में मैं यह कहना चाहता हूं कि जब मैं एसीबी कार्यालय में भी गया था तो उन लोगों ने मुझसे केवल अरविंद केजरीवाल के बारे में ही सवाल पूछे थे। मुख्य आरोपी शीला दीक्षित के बारे में एक भी सवाल नहीं किया गया था।”
यहां तक कि ताजा नोटिस में भी मुझसे केवल केजरीवाल जी के बारे में पूछा गया है। जब मैंने उनका मौखिक रूप से जवाब एसीबी कार्यालय में दे दिया है, तो वही सवाल लिखित पूछने का मकसद क्या है? इसका अर्थ यह है कि उन लोगों ने तब से उस मामले पर कोई काम नहीं किया।”
उन्होंने दिल्ली के जल मंत्री ने कहा कि उपराज्यपाल नजीब जंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास 400 करोड़ रुपये के टैंकर घोटाले में शीला दीक्षित के खिलाफ शिकायत की थी।
दूसरी शिकायत भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने एसीबी के पास केजरीवाल के खिलाफ दायर कराई। उसमें उन पर देरी का कारण बनने और गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी ठेका रद्द नहीं करने का आरोप लगाया गया था।
आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वर्ष 2015 के जून में पानी के 385 टैंकर किराए पर लेने में हुई गड़बड़ी के बारे में सच्चाई का पता लगाने के लिए पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। ये टैंकर जब दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं, तब वर्ष 2012 में किराए पर लिए गए थे।
dharmpath.com dharmpath